जिले के कई जगहों में बारिश के बाद भी पेयजल संकट बरकरार है। जिला मुख्यालय के विभिन्न वार्डों में एक दिन छोड़कर दूसरे दिन नलों के जरिए पेयजल आपूर्ति की जा रही है, वहीं कुछ स्थानों में पिकअप और जल संस्थान के टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। नेशनल हाईवे में सूखीढांग के समीप स्थित बृजनगर में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। यहां क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम पर लगा हैंडपंप लंबे समय से खराब होने के कारण यात्रियों और स्थानीय दुकानदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बताते चलें कि बृजनगर कस्बा तेजी से विस्तार ले रहा है। नेशनल हाइवे में टनकपुर के बाद पर्वतीय मार्ग में बृजनगर पहला स्टेशन है, जहां पर बड़ी संख्या में वाहन रुकते हैं। लेकिन हैंडपंप खराब होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहीं नहीं बृजनगर में चलने वाले आचार उद्योग में लगे उद्यमियों को भी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। उद्यमी अनिल चौड़ाकोटी, बीडीसी सदस्य राजेंद्र सिंह, मदन सिंह आदि का कहना है कि पूर्व में जब तक हैंडपंप ठीक चलता था, लोगों को काफी राहत मिलती थी। इस संबंध में जल संस्थान के अभियंताओं का कहना है कि खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत के लिए समय समय पर तकनीकी टीम बुलाई जाती है। पूर्व में बृजनगर में लगे हैंडपंप को भी ठीक करने का प्रयास किया गया है। लेकिन कुछ दिन चलने के बाद हैंडपंप खराब हो जा रहा है।
मंडी परिषद ने वर्ष 2002 में लगाया था हैंडपंप
चंपावत। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिषद के अध्यक्ष महेश चंद्र चौड़ाकोटी के अनुसार वर्ष 2002 में तत्कालीन कृषि मंत्री महेंद्र सिंह माहरा ने बृजनगर में मंडी परिषद की ओर से हैंडपंप लगाया गया था। जो कुछ समय चलने के बाद बंद हो गया। जल संस्थान की ओर से एक दो बार इसे ठीक करने के लिए तकनीशियन भेजे गए। लेकिन ठीक नहीं हो पाया।