चंपावत। विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। मेडिकल परीक्षण में जल जनित रोग लक्षण आए सामने आ रहे हैं। इसके बाद विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। सभी विद्यालयों में बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जिले के विद्यालयों में शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की टीम विद्यालयों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। बाल स्वस्थ कार्यक्रम के तहत छह टीमें कार्य कर रहे हैं। विद्यालयों के बच्चों में कुपोषण, पेट में कीड़े, कान और दांत की बीमारी की जांच की जा रही है।
इस दौरान बच्चों में पीलिया, मलेरिया, तपेदिक, ज्वार और बुखार आदि के मामले सामने आ रहे हैं। कई बच्चों में जल जनित रोग देखने को मिले हैं। विभाग ने खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से सभी विद्यालयों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
विद्यालयों को पानी की टंकियां रोस्टर के अनुसार साफ करने, टंकियों को कवर करने, रोज बच्चों को स्वच्छता के लिए जागरूक करने को कहा है। बच्चों को उबला पानी पीने के लिए प्रेरित किया गया है।
सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट का कहना है कि बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों की जांच विद्यालयों में की जा रही है। जांच में अधिकतर बच्चों में जल जनित रोग के लक्षण सामने आ रहे हैं। विद्यालयों को समय-समय पर पानी की टंकियां को साफ रखने और रोजाना बच्चों में स्वच्छता के लिए जागरूक किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।