जिले के पाटी विकासखंड के रीठाखाल क्षेत्र के ग्रामीणों जीआईसी रीठाखाल में शिक्षकों और प्रवक्ताओं की तैनाती की मांग को लेकर शिक्षा भवन और कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भी भेजा। जल्दी शिक्षकों की तैनाती न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
शनिवार को करीब 70 किलोमीटर की दूरी तय कर जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों का कहना था कि जीआईसी रीठाखाल को इंटरमीडिएट तक उच्चीकृत हुए पांच साल हो गए हैं। लेकिन पांच साल में एक भी प्रवक्ता का पद नहीं भरा जा सका है। वर्तमान में स्कूल में 450 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिन्हें पढ़ाने के लिए केवल छह ही शिक्षक तैनात हैं। जिससे स्कूल का पठन पाठन प्रभावित हो गया है। स्कूल में केवल दो ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात हैं। उनका कहना है कि पूर्व में यहां के बच्चे हाईस्कूल स्तर तक प्रदेश की मेरिट सूची में भी आए, लेकिन इंटरमीडिएट स्कूल बनने के बाद से यहां पढ़ाई का स्तर गिर गया है। पीटीए स्तर से शिक्षकों की व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है।
लेकिन अधिकांश अभिभावकों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परेशानी आ रही हैं। अभिभावकों ने जल्द उनकी मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन चलाने की चेतावनी भी दी है। अभिभावक शिक्षक संघ अध्यक्ष लीलाधर भट्ट और स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष मोहन सिंह बोहरा के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंच कर प्रदर्शन करने और ज्ञापन देने वालों में बची दत्त जोशी, जीवन चंद्र जोशी, महेश भट्ट, टीकाराम उपाध्याय, चंद्रशेखर उपाध्याय, गिरीश भट्ट, लीलाधर, मोहन सिंह, गोपाल राम, गणेश कुमार, राजू राम, नवीन बोहरा, दिनेश, जीवन आदि शामिल रहे।
पीटीए ने अपने खर्चे से रखे है दो शिक्षक
चंपावत। जीआईसी रीठाखाल में स्कूल प्रबंध समिति और अभिभावक संघ की ओर से दो शिक्षक तैनात किए गए हैं, जिन्हें अभिभावकों की ओर से मानदेय का भुगतान किया जा रहा है। अभिभावकों का कहना था कि शिक्षकों के मानदेय के लिए प्रत्येक अभिभावक को माह में 212 रुपये से लेकर 272 रुपये का भुगतान करना होता है।