प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना में प्रभावित होने वाले ग्रामीणों की मटियानी, सलान, चूलागांव में खुली बैठकें हुई, इसमें प्रभावित वनाधिकार अधिनियम, प्रभावित वन पंचायत भूमि, ग्राम पंचायत के भूमिधरों की भूमि और अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में डूब क्षेत्र में आने वाले ग्रामीणों से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी मांगे गए। ग्रामीणों ने अपनी मांगों के साथ अनापत्ति प्रमाण पत्र दिए।
विकासखंड लोहाघाट के ग्राम पंचायत मटियानी के पंचायत घर में ग्राम प्रधान मनोहर सिंह की अध्यक्षता और ग्राम विकास अधिकारी रविंद्र सिंह फर्त्याल, नवीन चंद्र के संचालन में खुली बैठकें हुई। ग्रामीणों का कहना था कि पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र में 60 से 70 परिवार आ रहे हैं। जिनकी वहां उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। उन्होंने भूमि के बदले भूमि देने, लोगों को भवन, गोशाला देने, प्रभावित होने वाले प्रत्येक परिवार को सरकारी नौकरी देने, बांध निर्माण के बाद लोगों को सिंचाई की सुविधा देने, प्रभावितों के पुनर्वासित स्थान पर सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, स्कूल आदि की पुख्ता व्यवस्था करने की मांग की। इस दौरान उप शिक्षाधिकारी हरेंद्र साह, हयात सिंह, देव राम, भगीरथ सिंह, नाथ सिंह, गोपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, गंगा राम आदि मौजूद थे।
इधर, विकास खंड बाराकोट के गायकाजूला की सलान और रैघाड़ी के ग्रामीणों की चूलागांव में खुली बैठकें हुई, इसमें भी पंचेश्वर बांध बनने के बाद डूब क्षेत्र में आने वाले लोगों ने अपनी मांगें रखी।