वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने वन विभाग के अधिकारियों को नर्सियों में उगाई गई विभिन्न प्रजाति के पौधों का रोपण करने के निर्देश दिए हैं। बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में बागेश्वर, पिथौरागढ़ एवं चंपावत के वन, श्रम, सेवायोजन एवं आयुर्वेदिक अधिकारियों की बैठक में उन्होंने वनाधिकारियों को विभाग की नर्सरी में उगाए गए पौधों को विद्यालयों के अलावा सभी विभागों, वन पंचायतों को निशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देशित किया। आयुष विभाग को टनकपुर, चंपावत, लोहाघाट में एक-एक पंचकर्म यूनिट तैयार करने को कहा।
उन्होंने कहा कि पौधरोपण को कार्यक्रम की दृष्टि से खानापूर्ति एवं लक्ष्य प्राप्ति के लिए न करें। उसका उपयोग धरातल पर करने और लोगों को लगाए गए पौधों की सुरक्षा करने का संकल्प दिलाएं। उन्होंने कहा कि पहाड़ों की ऊंचाई पर पैदा होने वाली वृक्ष प्रजातियों की श्रेेणी तैयार कर नर्सरी में उन्हीं पौधों की प्रजातियों का रोपण करें, जिससे पहाड़ की प्रजातियों को संरक्षण मिल सके। उन्होंने डीएम डॉ.अहमद इकबाल को वन विभाग सहित अन्य विभागों का भी सहयोग लेने को कहा।
मंत्री रावत ने आयुष विभाग को टनकपुर, चंपावत, लोहाघाट में एक-एक पंचकर्म यूनिट तैयार करने, निजी भवनों में चल रहे अस्पतालों के लिए भूमि का चयन करने के लिए निर्देशित किया। बैठक में विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, कैलाश गहतोड़ी, डीएम डॉ. अहमद इकबाल, एसपी रामचंद्र राजगुरु, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं वृत्त आरएस बिष्ट, वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं आईपी सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष हेमेश कलखुड़िया आदि उपस्थित थे।
अधिकारी निर्माण कार्यों में पौधरोपण को दें प्राथमिकता
चंपावत। वन मंत्री ने निर्माण कार्यों, सड़क निर्माण आदि में पौधरोपण को प्राथमिकता प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य की चिड़ियाओं का जू (चिड़ियाघर) तैयार करने, बंदरों को खेतों, घरों से दूर रखने के लिए बाड़ा बनाने की योजना प्रस्तावित करने तथा नदियों के किनारे, भूकटाव वाले स्थानों पर व्यापक पौधरोपण करने के निर्देश दिए।
दो माह में दस-दस हजार श्रमिकों का पंजीकरण करें
चंपावत। श्रम विभाग में कर्मचारियों के अभाव को देखते हुए वन मंत्री ने फोन पर निदेशक को कार्मिकों की तैनाती करने के निर्देश दिए। उन्होंने बागेश्वर और चंपावत के श्रम अधिकारियों को अगले दो माह में कम से कम 10 हजार श्रमिकों का पंजीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा मजदूरों के अतिरिक्त लोनिवि, पीएमजीएसवाई, एडीबी के साथ अन्य संस्थानों में मजदूरी कर रहे श्रमिकों का भी पंजीकरण किया जाए।