सुरेश सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान ऐड़ी गुरौली।
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राज्य सरकार की ओर से पंचायतीराज अधिनियम में संशोधन को लेकर ग्रामीण जनप्रतिनिधि लामबंद हो गए हैं। उन्होंने नए पंचायतीराज एक्ट के विरोध का एलान किया है। त्रिस्तरीय पंचायत से जुड़े ग्राम प्रधानों, बीडीसी सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों ने नए पंचायतीराज एक्ट को काला कानून बताते हुए इसके विरोध में आंदोलन का एलान किया है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार की ओर से नए एक्ट में शैक्षिक योग्यता और दो संतानों के प्रावधानों में संशोधन नहीं किया जाता है तो आंदोलन करने के साथ ही न्यायालय की शरण ली जाएगी। जैगांव जैतोली के बीडीसी सदस्य नंदाबल्लभ जोशी, चौराख्याली के प्रेम सिंह, गोली के अशोक सिंह, बुंगाख्याली की सरस्वती देवी सहित तमाम जनप्रतिनिधियों ने एक्ट का विरोध करते हुए जल्द ही आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है।
भ्रूण हत्या को बढ़ावा देगा नया एक्ट
चंपावत। नया पंचायतीराज एक्ट काला कानून है। यदि यह कानून लागू होता है तो इससे भ्रूण हत्या को बढ़ावा मिलेगा। ग्राम पंचायतों के बजाय लोकसभा और विधानसभा चुनावों में शैक्षिक योग्यता और दो संतानों का प्रावधान लागू किया जाना चाहिए।
सुरेश बिष्ट, ग्राम प्रधान, ऐड़ीसेरा।
बिना सोचे समझे लाए गए हैं नए प्रावधान
चंपावत। पंचायतीराज एक्ट में संशोधन राज्य सरकार की ओर से बिना सोचे समझे किया गया है जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में अराजकता की स्थिति पैदा हो जाएगी। जरूरी नहीं है कि हर ग्राम पंचायत में नए प्रावधान पूरे करने वाले प्रतिनिधि मिल ही जाए।
महेश सिंह, ग्राम प्रधान, डुंगरासेठी