कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते ग्राम प्रधान
- फोटो : अमर उजाला
चंपावत जिले के चारों ब्लॉकों के ग्राम प्रधानों ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को इस्तीफे सौंपे। इससे पूर्व ग्राम प्रधानों ने सोमवार सुबह कलक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर जमकर हंगामा काटा। ग्राम प्रधानों ने राज्य वित्त के तहत ग्राम पंचायतों को आवंटित होने वाली राशि में हुई कटौती को निरस्त कर, पंचायतराज अधिनियम 2016 को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग की। ग्राम प्रधानों के लिए न्यूनतम पांच हजार रुपये प्रतिमाह का सम्मानजनक मानदेय मांगा गया। जिलेभर से मुख्यालय पहुंचे ग्राम प्रधानों का कहना था कि अपनी मांगों को पूर्ण करवाने के लिए ब्लॉक, जिला, प्रदेश स्तर में कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन राज्य सरकार ने इन मांगों को नहीं लिया गया। इस कारण ग्राम प्रधानों को सामूहिक इस्तीफा देना पड़ा है। ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष ललित मोहन जोशी, ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ, गिरीश सिंह, चंदन सिंह के नेतृत्व में सामूहिक इस्तीफा सौंपा गया। इनमें देवेंद्र सिंह मेहरा, प्रह्लाद राम, मदन राम, रूपा देवी, केशव दत्त मौनी, संजय रावत, गंगा गुरुंग, पुष्पा विश्वकर्मा, अमजद हुसैन, जशोदा देवी, नीलू देउपा, अमिता चौबे, गीता सुतेड़ी, दान सिंह बोहरा आदि थे।
ग्राम पंचायत के सभी कार्यों का बहिष्कार भी शुरू
चंपावत। त्रिस्तरीय पंचायतों के ग्राम प्रधानों ने सामूहिक इस्तीफा देने के साथ ही ग्राम पंचायत के सभी कार्यों का बहिष्कार भी शुरू कर दिया है। प्रधान संगठन के केशव दत्त मौनी के अनुसार डीपीआरओ स्तर से कहा गया है कि प्रधानों के सामूहिक इस्तीफों पर शासन स्तर से निर्णय होने तक ग्राम प्रधान पदों पर बने रहेंगे लेकिन ग्राम प्रधानों ने सभी तरह के कार्यों के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।