भारी ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। लोहाघाट, पाटी, बाराकोट में काश्तकारों ने हाड़ तोड़ मेहनत कर खेतों में सब्जी पौध लगाए थे, लेकिन एकाएक हुई ओलावृष्टि ने किसानों के अरमानों में पानी फेर दिया।
सुंई क्षेत्र के प्रगतिशील काश्तकार उर्वादत्त चौबे, तारादत्त खर्कवाल के पॉलीहाउसों को ओलावृष्टि से काफी नुकसान पहुंचा है। उनके द्वारा लगाए गए शिमला मिर्च, बैगन, टमाटर, कद्दू, ककड़ी, लौकी आदि के पौध बुरी तरह ओलावृष्टि से नष्ट हो गए हैं। इधर नौमाना गांव के काश्तकार शिव दत्त, मनोज कुमार, खिलानंद, संजय जोशी के सब्जी पौधों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। रायनगर चौड़ी के प्रमुख काश्तकार महेश चंद्र राय, बलदेव राय, गणेश दत्त राय आदि ने पानी की कमी के चलते नदी से पानी ढोकर सब्जी पौध तैयार किए थे। ओलावृष्टि की चपेट में आए उनके सब्जी पौधों, प्याज, धनिया, पालक, मेथी की फसल प्रभावित हुई है। किसानों ने ओलावृष्टि से उनकी फसलों को हुए नुकसान का सर्वेक्षण कर मुआवजा देने की मांग की है।