एसएसबी का राफ्टिंग दल मोटर वोटों के जरिए शारदा बैराज से पीलीभीत रवाना हुआ। राफ्टिंग दल में नेपाल सशत्र पुलिस बल (एपीएफ) के तीन सदस्य भी शामिल हुए। मुख्य अतिथि सांसद अजय टम्टा ने दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने नेपाल के तीनों सदस्यों को एसएसबी की कैप पहनाई।
स्वच्छ एवं सुदृढ़ भारत अभियान के तहत धारचूला से 2 अक्तूबर से शुरू हुए एसएसबी के राफ्टिंग दल को मंगलवार को बनबसा स्थित शारदा बैराज से आगे के लिए रवाना किया गया। बनबसा से गंगासागर तक 2086 किमी तक की दूरी तय करते हुए राफ्टिंग अभियान का समापन 25 अक्तूबर को होगा। एसएसबी के महानिरीक्षक (आईजी) श्याम सिंह ने बताया कि राफ्टिंग दल का मकसद स्वच्छता, नदियों की सफाई, सीमा, राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना है। कंचनपुर (नेपाल) के सीडीओ (मुख्य जिलाधिकारी) मनोहर प्रसाद ने भारत-नेपाल मैत्री को प्रगाढ़ करने का संदेश दिया। एरिया आर्गनाइजर (एओ) ज्ञान चंद के नेतृत्व में 45 सदस्यों के अलावा तीन नेपाल एपीएफ के सदस्य भी शामिल हुए हैं। 20 सदस्य सड़क मार्ग से दल के साथ जा रहे हैं।
एसएसबी के प्रफुल्ल शंकर के संचालन में हुए कार्यक्रम में नेपाल के एसएसपी रामप्रसाद श्रेष्ठा, एपी सशस्त्र तारा दत्त पंत के अलावा एसएसबी के डीआईजी केपी सिंह, कमांडेंट केसी राना, जेपी राना, कमांडेंट मेडिकल प्रदीप जोशी, डिप्टी कमांडेंट एलपी उपाध्याय, भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष बगौली, मंडल अध्यक्ष हेमेंद्र रावत, हेमा जोशी, सुभाष थपलियाल आदि मौजूद थे।
चार राज्यों में होगा सफर
एसएसबी का मंगलवार से शुरू मोटर वोट अभियान अब उप्र, बिहार, झारखंड और पश्चिमी बंगाल राज्य में गुजरेगा। राफ्टिंग अभियान 6 अक्तूबर की शाम राघवपुरी, 7 को शारदा पुल, 8 को शारदा पुल लखीमपुर खीरी, 9 को घाघरा घाट, 10 को अयोध्या, 12 को टांडा, 13 को दोहारी घाट, 14 को मांझी, 16 गाई घाट पटना, 17 को मोकामा घाट, 18 को कुलकुलिया घाट, 19 को फरक्का, 21 को बेहरामपुर, 22 को नवादीप, 23 को कोलकाता दाई घाट और 25 अक्तूबर को गंगासागर में समापन होगा।
शारदा के तेज बहाव में हुआ मौत से सामना
एसएसबी का जौलजीबी से गंगासागर तक करीब 2273 किमी तक राफ्टिंग अभियान चलाया जा रहा है। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को समझने के साथ नदियों की सफाई करना, जवानों में साहस की भावना पैदा करना, लोगों से संपर्क करना और उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूक करना राफ्टिंग अभियान का मकसद है। दल अभी करीब 300 किमी की यात्रा में ही कई रोमांचक घटनाओं से रूबरू हुआ। बताया कि काली (शारदा नदी) के तेज बहाव में कई जगह राफ्टिंग दल को मौत का सामना करना पड़ा। राफ्टिंग दल का नेतृत्व कर रहे एसएसबी के एरिया आर्गनाइजर (एओ) ज्ञान चंद ने कहा कि झूलाघाट-खेत गांव के बीच की नदी में कई बार तेज बहाव में राफ्ट की दिशा बदल गई, जिससे जिंदगी पर भी खतरा पैदा हो गया था। अलबत्ता टीम के सदस्य आपस में मनोबल करते हुए इस खतरे को पार कर गए। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि स्वच्छता, सुरक्षा और भाईचारा की भावना के साथ एसएसबी एक्सपिडीशन पर है। राफ्टिंग दल उत्तराखंड, यूपी, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल के जलमार्गों से गुजरेगा। दल महाकाली (शारदा), घाघरा, सरयू, गंडक, गंगा, कोसी, सोन और हुगली में सफाई जागरूकता अभियान चलाएगा। दल में 10 मरकरी मोटर वोट शामिल हैं।