प्रदेश के विभिन्न जिलों में होंगी कैबिनेट बैठकें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कैबिनेट की बैठकें अब केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भी आयोजित की जाएंगी। इससे स्थानीय स्तर की समस्याओं, विकास की संभावनाओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को सीधे शासन के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
कहा कि सीमांत क्षेत्र केवल राज्य की भौगोलिक सीमाएं नहीं हैं, बल्कि सुरक्षा, संस्कृति और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाए।
सरकार का उद्देश्य शासन को जनता के और करीब ले जाना है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में कैबिनेट की बैठकें आयोजित होने से वहां की स्थानीय परिस्थितियों, जन अपेक्षाओं और विकास की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। साथ ही, स्थानीय समस्याओं पर त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया भी प्रभावी होगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के हर क्षेत्र का संतुलित विकास राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। सीमांत गांवों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक विकास की गति को समान रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।