सरकारी कामकाज की सुस्त कार्यप्रणाली का खामियाजा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का भुगतना पड़ा। इस स्कूल का एक साल पहले उच्चीकरण कर दिया गया था, लेकिन शासन द्वारा जारी आदेश में टांण के स्थान पर ताड़ शब्द लिख दिया गया। इस एक शब्द की गलती से टांण का उच्चीकरण नहीं हो सका और अब 11 महीने, 17 दिन बाद शासनादेश की इस गलती को ठीक किया गया है। टांण में अब अगले सत्र से इंटर की कक्षाएं संचालित होना शुरू हो जाएगी।
पाटी विकासखंड के लधिया घाटी क्षेत्र के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टांण को पिछले साल तीन जनवरी को उच्चीकृत कर राजकीय इंटर कॉलेज का दर्जा दिया गया था, मगर शासन द्वारा जारी आदेश में टांण के स्थान पर ताड़ शब्द लिखने से उच्चीकरण अधर में लटक गया और दसवीं से आगे की कक्षाएं 2017-18 के शिक्षा सत्र से संचालित नहीं हो सकी। शासनादेश में हुई इस गलती के कारण क्षेत्र के सात बच्चों को इंटर के लिए रीठा साहिब और अन्यत्र जाने को मजबूर होना पड़ा।
अब 19 दिसंबर 2017 को शासन ने राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ताड़ के स्थान पर टांण पढ़ा जाए संबंधी शुद्धि पत्र जारी किया है। डॉ.भुपिंदर कौर औलख द्वारा जारी इस आदेश के बाद अब टांण राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के राजकीय इंटर कॉलेज बनने की राह आसान हुई है। टांण विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य सचिन सिंह ने बताया कि इस वक्त यहां 43 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं।
कोट
संशोधित शासनादेश आने के बाद राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टांण का अगले शिक्षा सत्र से राजकीय इंटर कॉलेज के रूप में संचालन शुरू हो जाएगा। इंटर कक्षाओं के प्रवेश भी शुरू कर दिए जाएंगे। -आरसी पुरोहित, मुख्य शिक्षाधिकारी, चंपावत।
पुरानी जगह मल्ला टांण में शुरू हो जीआईसी
टांण में 1998 में राजकीय हाइस्कूल स्वीकृत हुआ और इसके कुछ वर्षों बाद इसे राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का दर्जा दिया गया। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के भवन जूनियर हाइस्कूल से करीब 600 मीटर की दूरी पर मल्ला टांण (रतखाल) में है। तबसे 9वीं और दसवीं की कक्षाएं राजकीय हाइस्कूल चल रही थीं, लेकिन हाइस्कूल की 9वीं और दसवीं की दोनों कक्षाओं को पिछले साल जुलाई में जूनियर हाइस्कूल में शिफ्ट कर दिया गया।
जिला पंचायत सदस्य उमाशंकर भट्ट, भोलादत्त गड़कोटी, देवीदत्त गड़कोटी, पूर्व प्रधान गोविंद बल्लभ, बीडीसी सदस्य अनी राम आदि ने शिक्षाधिकारी को पत्र भेजकर पूर्व मल्ला टांण में ही जीआईसी को संचालित करने की मांग की है। कहा कि विभाग ने बगैर किसी कारण के जूनियर हाइस्कूल के भवन में विद्यालय का संचालन कर दिया, मगर वहां न तो पर्याप्त जगह है और नहीं शौचालय की व्यवस्था है, जबकि मल्ला टांण में न केवल पर्याप्त जगह है, बल्कि ग्रामीणों के लिए सुविधाजनक भी है।