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हमलावर बाघ पकड़ने को शारदा रेंज में लगे पिजरों को अपडेट किया

Mon, 26 Jun 2017 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
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बाघ को देखने लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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 शारदा व बूम रेंज के जंगल में विचरण कर रहे हमलावर बाघ को पकड़ने की कोशिश जारी है। बूम रेंज की टीम रात के वक्त हुटर बजाकर बस्तिया से लगे जंगल से बाघ को भगाने में जुटी है। वहीं शारदा रेंज द्वारा द्वान बीट के जंगल में लगाए गए पिजरों को अपडेट करते हुए एक पिजरा पहले वाले स्थान से हटाकर बाघ के रूट में शिफ्ट किया गया है। पिजरों की निगरानी के लिए कर्मचारी तैनात किए गए हैं। 
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शारदा और बूम रेंज के जंगल में चार माह से विचरण कर रहा हमलावर बाघ अब तक तीन महिलाओं को मार चुका है। गत 24 जून को बस्तिया में तीसरी घटना को अंजाम देने वाले बाघ का क्षेत्र में खौफ बना हुआ है। जंगल से चारा लेने गई बस्तिया निवासी गोविंद सिंह की पत्नी जानकी (29) को बाघ द्वारा निवाला बनाने की घटना से फूटे जनाक्रोश के बाद वन महकमे ने जंगल सेे सटे गांवों में सुरक्षा के मद्देनजर नियमित गश्त और बाघ को पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए हैं। चंपावत वन प्रभाग के डीएफओ एके गुप्ता ने बताया कि बस्तिया के आसपास के जंगल से बाघ को भगाने के लिए कर्मचारियों की विशेष टीम तैनात की गई है, जो रात के समय हुटर बजाकर बाघ को भगा रही है। इधर शारदा रेंज में बाघ को पिंजरे में कैद करने की कोशिश चल रही है। वन क्षेत्राधिकारी ख्याली राम आर्य ने बताया कि वाइल्ड लाइफ चीफ से बाघ को पकड़ने की दोबारा अनुमति मिलने के बाद रेंज के द्वान बीट में पहले से पिंजरों को अपडेट कर दिया गया है। दो में से एक पिंजरा हटाकर बाघ के मूवमेंट वाले मार्ग में रखा गया है। पिंजरों के एक खाने में बाघ को ललचाने के लिए बकरे रखे गए हैं। जंगल से लगे गांवों में रात्रि गश्त और पिजरों की निगरानी के लिए सात कर्मचारियों की टीम तैनात की गई है। वन विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर लोगों से जंगल न जाने की अपील की है। 


 किरोड़ा रोखड़ में विचरण करता दिखा बाघ, दहशत बढ़ी
टनकपुर (चंपावत)। सोमवार को हमलावर बाघ शाम साढ़े चार बजे बस्तिया गांव के सामने किरोड़ा नाले के रोखड़ में विचरण करता दिखाई दिया। बाघ दिखने का पता चलते ही सड़क किनारे लोगों का हुजूम लग गया। सूचना पर बूम रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बीके महरा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। वन कर्मियों ने भी बाघ को रोखड़ से जंगल की ओर जाते देखा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाघ काफी बड़ा है और दिखने में एक माह पूर्व बस्तिया गांव के बाग में 48 घंटे तक डेरा जमाने वाली बाघिन की तरह थी। बाघ दिखने और कोई कदम नहीं उठाने पर कुछ ग्रामीणों की वहां मौजूद वन क्षेत्राधिकारी महरा से तीखी नोंक-झोंक भी हुई। बहरहाल गांव के पास रोखड़ में बाघ के दिखाई पड़ने से बस्तिया के लोगों में दहशत और बढ़ गई है। ग्राम प्रधान नवीन सिंह, राज्य महिला आयोग की सदस्य पूर्व ग्राम प्रधान सरोज देवी आदि ने प्रशासन और वन विभाग से हमलावर बाघ को शीघ्र पकड़कर अंयत्र ले जाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि बाघ को शीघ्र नहीं पकड़ा गया तो वह फिर किसी को निवाला बना सकता है।       
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