यूपी की बाढ़ नियंत्रण एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री स्वाति सिंह परिवार के साथ अपने पुराने शिक्षण संस्थान केवि क्रमांक एक पहुंची। उनका शिक्षकों ने जोरदार स्वागत किया। अपने पुराने स्कूल को देख वे गदगद थीं। उन्होंने शिक्षकों को अपने स्तर से सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
यूपी की बाढ़ नियंत्रण एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री स्वाति सिंह शनिवार सुबह अचानक केवि क्रमांक एक पहुंच गईं। उन्हें देख विद्यालय स्टाफ अचम्भित हो गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1994 में इसी विद्यालय से हाइस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। तब उनके पिता बीके सिंह एनएचपीसी के निर्माणाधीन टनकपुर बैराज में कार्य करने वाली कंपनी एचसीएल में अभियंता थे। उन्होंने केवि प्रथम की वरिष्ठ शिक्षिका नीना सक्सेना से स्कूल की गतिविधियों के बारे जानकारी ली।
अपने शिक्षण समय के बाद स्कूल में आए बदलाव और प्रगति से वे खुश थीं। उन्होंने स्कूल को अपनी ओर से सहयोग देने का आश्वासन दिया। स्वाति सिंह के साथ उनके माता-पिता और परिजन मौजूद थे। यहां से वे मां पूर्णागिरि धाम के लिए प्रस्थान कर गईं। इस दौरान सीओ राजन सिंह रौतेला, वरिष्ठ शिक्षक एके मिश्रा, एसआर पांडेय, रामदास, सूरज सैफी के अलावा स्टाफ सदस्य बाबू लाल, मेवालाल आदि मौजूद थे।
यूपी की बाढ़ नियंत्रण राज्यमंत्री ने मां पूर्णागिरि के दर्शन किए
शनिवार को यूपी की बाढ़ नियंत्रण एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री स्वाति सिंह ने परिवार के साथ देवी के दर्शन किए। वहीं, मां पूर्णागिरि धाम में हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु देवी के दर्शन को पहुंच रहे हैं। रविवार अवकाश के कारण शनिवार शाम से श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी है। रोडवेज के अलावा चार्टर्ड बसें एवं निजी वाहनों से पहुंचे करीब बीस हजार श्रद्धालुओं ने देवी के दरबार में मत्था टेककर पूजा-अर्चना की। उधर, मेला क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। काली मंदिर, टुन्यास एवं सिद्धमोड़ क्षेत्र की कई दुकानों में पानी का संकट बना है। दुकानदार जैसे-तैसे पानी की जरूरत पूरी कर रहे हैं। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय का कहना है कि संकटग्रस्त क्षेत्रों में मेले की शुरुआत से ही पानी की समस्या बनी है। इन दिनों यात्रियों के कम आने से फिर भी राहत है, लेकिन भीड़ बढ़ने पर पानी का भारी संकट पैदा हो सकता है।