भारत नेपाल के बीच डग्गामार बसों के संचालन को बंद कराने को लेकर बनबसा के व्यापारी एकजुट हो गए हैं। मंगलवार को शारदा बैराज पर प्रदर्शन करने पहुंचे व्यापारी पुलिस के समझाने पर मान गए।
बाद में उन्होंने यूपी सिंचाई विभाग के एसडीओ को ज्ञापन सौंपकर बैराज से दस टन से अधिक क्षमता के वाहनों के संचालन पर रोक लगाने की मांग की। व्यापारी भारत-नेपाल के बीच संचालित होने वाली मैत्री बसों के संचालन के पक्ष में हैं।
लंबे समय से बनबसा के व्यापारी नेपाल से भारत को संचालित हो रही डग्गामार बसों पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि टूर एंड ट्रेवल्स के नाम पर नेपाली बस स्वामी सवारियों को ढोने का काम कर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
मंगलवार को व्यापारी तड़के ही शारदा बैराज पर प्रदर्शन करने पहुंचे, लेकिन बाद में पुलिस के समझाने पर वह मान गए। उन्होंने यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेडवर्क्स के सहायक अभियंता (एसडीओ) बृजेश मौर्य से संपर्क कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में वर्ष 1928 में निर्मित शारदा बैराज की मियाद समाप्त होने और बैराज पर दस टन से अधिक भार नहीं लाने का हवाला देते हुए बड़े वाहनों के संचालन पर रोक लगाने की मांग की। कहा कि कुछ वर्षों से बैराज पर से 13 से 16 टन की बड़ी बसें (सवारियों और सामान के भार के बिना) अवैध रूप से संचालित की जा रही हैं, जिससे बैराज के क्षतिग्रस्त होने का खतरा पैदा हो गया है।
ज्ञापन सौंपने वालों में व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष शंकरलाल वर्मा, व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी, महामंत्री संजय पारिक, उपाध्यक्ष पवन अग्रवाल, व्यापार मंडल संरक्षक संजय अग्रवाल, सत्यनारायण गोयल आदि मौजूद थे। इससे पहले सोमवार रात व्यापारियों ने थाने में आयोजित बैठक में भारत-नेपाल के बीच अवैध रूप से संचालित हो रही डग्गामार नेपाली बसों और सवारी ढोने वाली बाइकों पर रोक लगाने की मांग की।
परमिट पर भारत-नेपाल के बीच संचालित होने वाले टूरिस्ट वाहनों पर नियमानुसार कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। भारत-नेपाल के बीच डग्गामार और अवैध रूप से संचालित होने वाले वाहनों पर समय-समय पर कार्रवाई की जाती है।
- आरएस रौतेला, सीओ टनकपुर।
छुटपुट कमी पाई जाने पर भारत-नेपाल सीमा पर संचालित होने वाली चार बसों का एमवी एक्ट में चालान किया गया है। मंगलवार को क्षेत्र में आठ बसों समेत 23 वाहनों के चालान किए गए हैं।
- रश्मि भट्ट, एआरटीओ, टनकपुर।