कलक्ट्रेट में विद्यालय के उच्चीकरण की मांग लेकर ढोल नगाड़ों के साथ प्रदर्शन करते जारा जिबली के
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय से करीब 120 किलोमीटर दूर जारा जिबली से देवताओं को जगाने वाले ढोल-नगाड़ों के साथ ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने ढोल बजाते हुए करीब एक घंटे तक नारेबाजी की। इसके बाद ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट परिसर के बाहर रामलीला मैदान में आमरण अनशन शुरू कर दिया।
उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के उच्चीकरण की मांग पर जारा जिबली की महिलाएं, युवा और बुजुर्गों ने पारंपरिक ढोल की गूंज के साथ टकाना तिराहे से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। बीडीसी सदस्य रमेश सिंह धामी, ग्राम प्रधान वीर विक्रम सिंह ने कहा कि वर्ष 2021 से विद्यालय के उच्चीकरण की मांग की जा रही है। कई बार आवाज उठाने और जिला मुख्यालय में आमरण अनशन करने के बाद भी अब तक सिर्फ झूठा आश्वासन मिला है। विवश होकर आज हमें देवताओं को जगाने वाले ढोल के साथ शासन और प्रशासन को जगाना पड़ रहा है।
पूर्व प्रधान जयंती देवी ने कहा कि दुर्गम क्षेत्र होने और विद्यालय का उच्चीकरण न होने से उनके बच्चे आगे की शिक्षा ग्रहण नहीं कर पा रहे। बच्चों के भविष्य की खातिर मजबूरन हमें पलायन करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा जब तक विद्यालय का उच्चीकरण नहीं होता वे पीछे नहीं हटेंगे।
ढोल और नारों की गूंज से जनसुनवाई से उठकर बाहर आए अधिकारी
जारा जिबली के ग्रामीण ढोल बजाते हुए जब कलक्ट्रेट परिसर में दाखिल हुए तो इसकी गूंज सुनकर एसडीएम सदर जितेंद्र वर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार पंत समेत कई अधिकारियों-कर्मचारियों को जनसुनवाई छोड़कर बाहर आना पड़ा। प्रदर्शनकारी विशालकाय ढोल को बारी-बारी से बजाते रहे। एसडीएम सदर ने प्रदर्शनकारियों को कुछ देर बाद डीएम के साथ मुलाकात कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी अनशन स्थल पर पहुंचे। ग्राम प्रधान वीर विक्रम सिंह ने बताया कि शाम करीब पौने पांच बजे एसडीएम वर्मा ने अनशन स्थल पर आकर जल्द मामले की जानकारी देने की बात कही।
प्रभारी सीईओ, तरुण कुमार पंत ने बताया कि जारा जिबली विद्यालय के उच्चीकरण के मामले में पूर्व में मांगी गई जानकारी शासन में भेजी जा चुकी है। फिलहाल मामला शासन में लंबित है।