लोहाघाट सीएचसी में खराब पड़ी एक्स-रे मशीन।
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लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इस वक्त बुरे हाल में है। एक्सरे और अल्ट्रासाउंड नहीं होने से लोगों की मुसीबत बढ़ने के साथ जेब पर मार भी बढ़ गई है। सितंबर 2018 से एक्सरे परीक्षण नहीं हो पा रहे हैं और अब अल्ट्रासाउंड मशीन में पिछले बुधवार से आई खामी से बीते एक सप्ताह से परीक्षण भी बंद हो गए हैं। लोगों को निजी अस्पताल में परीक्षणों कराने पड़ रहे हैं।
लोहाघाट अस्पताल में डॉक्टरों के 11 में से पांच पद खाली हैं। गायनाकोलोजिस्ट, अस्थि रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ सहित अधिकतर महत्वपूर्ण पद भी रिक्त हैं लेकिन इससे भी ज्यादा समस्या लोहाघाट अस्पताल की एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीनों के खराब होने से हो रही है। इस वजह से यहां बीते नौ माह से एक्सरे परीक्षण बंद हैं।
पिछले सप्ताह तक लोहाघाट के लोगों को हड्डी टूटने या दूसरी समस्या के लिए एक्सरे कराने के लिए निजी अस्पतालों या 13 किमी दूर चंपावत जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही थी। अब लोहाघाट के सरकारी अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन भी खराब होने से एक और मुसीबत बढ़ गई है।
रेडियोलोजिस्ट डॉ. एलएम रखोलिया का कहना है कि मशीन की खामी से अल्ट्रासाउंड परीक्षण नहीं हो पा रहे हैं। मशीन को जल्द से जल्द ठीक कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पताल में रोजाना औसतन 45 अल्ट्रासाउंड होते थे। अब इन मरीजों की जेब पर मार पड़ रही है।
अब सिर्फ जिला अस्पताल में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा
चंपावत। चंपावत जिले में तीन अल्ट्रासाउंड मशीन और चार एक्सरे मशीन हैं लेकिन लोहाघाट की अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने और टनकपुर में रेडियोलोजिस्ट नहीं होने से मशीन का संचालन नहीं हो पा रहा है। वहीं लोहाघाट की एक्सरे मशीन खराब होने से सितंबर 2018 से उपयोग में नहीं आ रही है। जबकि पाटी में 2017 और टनकपुर अस्पताल में 15 जनवरी 2019 से एक्सरे मशीन के तकनीशियन नहीं होने से मशीन काम नहीं आ रही है। जिले में एकमात्र चंपावत जिला अस्पताल की अल्ट्रासाउंड और एक्सरे मशीन का ही संचालन हो पा रहा है।
अल्ट्रासाउंड मशीन की खामी को दूर करने के लिए दिल्ली से इंजीनियर से संपर्क किया गया है। इंजीनियर ने मशीन की खामी को खोज लिया है। एक सप्ताह के भीतर अल्ट्रासाउंड मशीन ठीक करा ली जाएगी। वहीं एक्सरे मशीन की मरम्मत के लिए अस्पताल प्रबंधन कोष से 1.40 लाख रुपये की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. मंजीत सिंह, चिकित्साधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लोहाघाट।