चंपावत जिले के शिक्षक शंकर सिंह अधिकारी और दयाकृष्ण जोशी इस साल के राज्यपाल पुरस्कार के लिए चयनित किए गए हैं। दोनों शिक्षकों को शिक्षक दिवस के दिन पांच सितंबर को देहरादून में राज्यपाल सम्मानित करेंगी।
गड्यूड़ा नवीन राजकीय प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक शंकर सिंह अधिकारी स्कूल के वक्त के अलावा अतिरिक्त समय और अवकाश के दिनों में भी छात्रों को पढ़ाना उनकी दिनचर्या है। अपने बच्चे को भी उन्होंने इसी प्राइमरी स्कूल में दाखिला दिलाया।
इस वजह से सात साल में छात्र संख्या 22 से बढ़कर 64 तक पहुंच गई। स्कूल में लैपटॉप के जरिए सायंकालीन कक्षाओं का संचालन भी किया जा रहा है। उनकी इस पहल से छात्र संख्या बढ़ने के साथ ही शैक्षिक गुणवत्ता भी सुधरी है। इन सबसे बढ़कर शिक्षकों के प्रति नजरिए में भी बदलाव हुआ।
शिक्षक शंकर सिंह अपने वेतन का 10 फीसदी स्कूल में खर्च करते हैं। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए उन्होंने अपने खर्चे से दो शिक्षकों की तैनाती की। सभी छात्रों को लेखन सामग्री, 53 छात्रों को ब्लेजर, जूते और मौजे दिए।
साथ ही स्वच्छता के लिए जैविक-अजैविक कूड़ेदानों का निर्माण, ढाई हजार लीटर क्षमता का बरसाती जल संग्रहण टैंक निर्माण, एमडीएम के लिए वाशिंग प्वाइंट, सांस्कृतिक मंच, सुरक्षा दीवार, खेल मैदान चौड़ीकरण, मुख्य गेट का निर्माण करवाया गया। इससे पूर्व उन्हें स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ एसएमसी पुस्कार मिल चुका है।
अति दुर्गम स्कूलों में उम्दा सेवा से दयाकृष्ण जोशी संवार रहे छात्रों का भविष्य
लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट विकासखंड के नेपाल सीमा से लगे अति दुर्गम जीआईसी मडलक के व्यायाम शिक्षक दयाकृष्ण जोशी का चयन राज्यपाल पुरस्कार के लिए हुआ है।
16 साल से जोशी अति दुर्गम विद्यालयों में विशिष्ट सेवाएं देकर छात्र-छात्राओं का भविष्य संवार रहे हैं। भाट पिन्ना तलाड़ी निवासी प्रेमबल्लभ जोशी के पुत्र दयाकृष्ण ने 2003 में पौड़ी गढ़वाल के अति दुर्गम जीआईसी बसंतपुर में व्यायाम शिक्षक के रूप में सेवा शुरू की। इस दौरान उन्होंने स्काउट शिक्षक रहते हुए सामाजिक कार्यों में बढ़चढ कर हिस्सा लिया।
पर्यावरण संरक्षण के लिए उनके द्वारा चलाया गया पौधरोपण अभियान काफी सराहा गया। 2015 में पौड़ी से स्थानांतरण कर उन्हें नेपाल सीमा से लगे मडलक भेजा गया। उनके दिशा-निर्देशन में इस विद्यालय के चार स्काउट गाइडों को राज्यपाल पुरस्कार से नवाजा गया है।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधा मेरे नाम का अभियान चलाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। जोशी योग के क्षेत्र में अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालयी प्रतियोगिता और भारतीय पुरातन व्यायाम पद्धति प्रतियोगिता में भी शिरकत कर चुके हैं।
शंकर सिंह अधिकारी, गर्वनर अवार्ड के लिए चयनित शिक्षक- फोटो : LOHAGHAT