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भारत-नेपाल सीमा के पिलर नंबर 3 और 3 ए गायब 

Mon, 05 Sep 2016 11:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)।
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भारत-नेपाल सीमा के गायब पिलर खोजते अफसर - फोटो : अमर उजाला
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टनकपुर (चंपावत)। भारत-नेपाल सीमा का स्पष्ट सीमांकन करने को दोनों देशों की बॉर्डर डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेशन कमेटी (बीडीसीसी) ने सर्वे शुरू कर दिया है। उत्तराखंड से लगी टनकपुर सीमा से गायब सीमा पिलर नंबर 3 और 3 ए का पता लगाने को सोमवार को दोनों देशों के अधिकारियों की टीम ने ज्वाइंट सर्वे कर स्थिति का जायजा लिया। बताया गया कि गायब सीमा स्तंभों का पता लगाने के लिए दोनों देशों की उच्च स्तरीय टीम जल्द सर्वे करेगी। 
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उत्तराखंड से लगी टनकपुर सीमा में ब्रह्मदेव के पास सीमा को दर्शाने वाला सीमा स्तंभ 3 और 3 ए गायब होने से अक्सर सीमा को लेकर विवाद की स्थिति पैदा होती है। सीमा स्तंभ न होने से नेपाल की ओर से नो मेंस लैंड में अतिक्रमण की स्थिति भी साफ नहीं है। दोनों देशों के अधिकारियों के बीच अक्सर होने वाली बैठकों में भी अतिक्रमण का मुद्दा हमेशा उठता रहा है।

नेपाल का दावा है कि गायब सीमा स्तंभ 3 एनएचपीसी द्वारा निर्मित बांध के अंदर था जो बांध निर्माण के वक्त जमींदोज हो गया है, लेकिन भारतीय वन और राजस्व का नक्शा ब्रह्मदेव बाजार से करीब एक किमी नीचे जंगल में 3 और 3 ए पिलर को दर्शाता है। 29 अगस्त को हुई दोनों देशों के सीमांत जिलों के अधिकारियों की बैठक में तय हुआ था गायब पिलरों की स्थिति का जायजा लेने को दोनों देशों के अधिकारी ज्वाइंट सर्वे करेंगे।
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इसी क्रम में सोमवार को एसडीएम नरेश दुर्गापाल, एसएसबी के कमांडेंट केसी राणा, नेपाल के एसपी टीडी पुजारी, सशस्त्र पुलिस के एसपी प्रदीप सिंह कार्की के नेतृत्व में दोनों देशों के अधिकारियों ने टनकपुर से लगी सीमा के पिलरों का स्थलीय निरीक्षण किया। एसडीएम दुर्गापाल ने बताया कि भारत-नेपाल की सीमा के स्पष्ट सीमांकन के लिए दोनों देशों की उच्च स्तरीय ज्वाइंट टीम सर्वे कर रही है।

फिलहाल उत्तर प्रदेश से लगी सीमा में सर्वे चल रहा है। जल्द ही यहां भी सर्वे कर सीमा विवाद का समाधान किया जाएगा। इस दौरान एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट गौतम सागर, सीओ आरएस रौतेला, रेंजर ख्याली राम, कोतवाल वीसी शर्मा ब्रह्मदेव नेपाल के एसओ  नरेंद्र चंद आदि अधिकारी थे। 
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