झुलसे मजदूर का इलाज करती डॉक्टरों की टीम।
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मांदली में एक भवन निर्माण के दौरान दो मजदूर हाइटेंशन लाइन (11 केवी) की चपेट में आकर झुलस गए। एक मजदूर की हालत गंभीर है। उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। दूसरे मजदूर को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
रविवार सुबह 9 बजे बिहार के मंकरारिया पूर्वी चंपारण के रहने वाले दो मजदूर निर्माणाधीन भवन की छत में काम करने के लिए चढ़े। भवन के ऊपर से गुजर रही हाइटेंशन लाइन की चपेट में आने से परमानंद पुत्र बिंदेश्वर यादव (30) और बृजेश कुमार (38) पुत्र नंद भगत को करंट लग गया। दोनों मजदूर छत से नीचे गिर गए।
आसपास के लोगों ने दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. इंद्रजीत पांडेय ने बताया कि परमानंद के सिर में गंभीर चोट लगी है। मुंह, हाथ, पेट, पीठ, पैर करंट से झुलस गए है। प्राथमिक इलाज के बाद उसे हायर सेंटर रेफर किया गया। दूसरे मजदूर बृजेश कुमार को इलाज के बाद छुट्टी कर दी।
फिर नहीं मिली आपात सेवा 108
झुलसे मजदूर परमानंद को हायर सेंटर ले जाने के लिए आपात चिकित्सा सेवा 108 वाहन नहीं मिल सका। बताया गया कि वाहन की हालत लंबी दूरी तक जाने के लायक नहीं है। आपात चिकित्सा सेवा 108 के जिला समन्वयक रजत उनियाल का कहना है कि न वाहन में पर्याप्त ईंधन है और वाहन 20 किलोमीटर से अधिक फासला तय करने लायक है। आपात वाहन नहीं मिलने से मजदूर के साथी परमानंद को तीन हजार रुपये किराया देकर एक वाहन में हायर सेंटर ले गए।