टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग पर चल्थी के पास एक कैंटर खाई में गिर गया। दुर्घटना में कैंटर चालक बुरी तरह घायल हो गया, जबकि दो अन्य सवार में से एक मामूली रूप से चोटिल हो गया। घायलों को टनकपुर अस्पताल ले जाया गया।
एनएच पर रविवार दोपहर चल्थी से सूखीढांग जा रहे एक कैंटर (यूके 03 सीए/ 1238) चल्थी के पास असंतुलित होकर खाई में गिर गया। चंपावत के कोतवाल धर्मवीर सोलंकी ने बताया कि गहरी खाई में गिरे कैंटर के परखचे उड़ गए। दुर्घटना में चालक दीपक सिंह (32) पुत्र ध्यान सिंह निवासी चल्थी बुरी तरह घायल हो गया।
चल्थी से पहुंची पुलिस टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से खाई में गिरे चालक को निकाला। कैंटर में सवार उदाली सिन्याड़ी निवासी भरत सिंह (52) पुत्र गोपाल सिंह को मामूली चोट आई, जबकि तीसरे सवार चल्थी क्षेत्र के कमल बोहरा पुत्र जगदीश बोहरा पुरी तरह सुरक्षित हैँ। दोनों घायलों को फौज की एंबुलेंस से टनकपुर संयुक्त अस्पताल ले जाया गया।
टनकपुर अस्पताल के डॉ. मानवेंद्र शुक्ला ने बताया कि दीपक सिंह के सिर, मुंह, हाथ और पांव में चोट लगी है। प्राथमिक उपचार के बाद सोमवार को उन्हें हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि भरत सिंह को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डॉ. तिवारी ने पेश की मिसाल
चंपावत। चल्थी के पास हुए कैंटर हादसे में बुरी तरह जख्मी ड्राइवर दीपक सिंह की मदद को चंपावत जिला अस्पताल के डॉ. शोभित तिवारी ने मिसाल पेश की। डॉ. तिवारी रोडवेज बस से सफर कर रहे थे। हादसे की जानकारी होने पर वह बस से उतरे और घायल का इलाज किया। उसी वक्त चल्थी पहुंची फौज की एंबुलेंस के पैरा मेडिकल स्टाफ ने भी उनका इस काम में सहयोग किया। बाद में डॉ. तिवारी ने आगे का सफर दूसरे वाहन से तय किया।
सात जनवरी को हुए हादसे में हो चुकी है दो लोगों की मौत
चंपावत। चल्थी में खाई में गिरा कैंटर 2020 में दूसरी सड़क दुर्घटना है। इसमें जन क्षति बाल-बाल बच गई। इससे पूर्व 7 जनवरी को चंपावत-मंच-तामली (सीएमटी) मोटर मार्ग में एक कार के खाई में लुढ़कने से एसबीआई के गार्ड और ड्राइवर की मौत हो गई थी।
कैंटर हादसे का मामूली रूप से चोटिल भरत सिंह।- फोटो : CHAMPAWAT
कैंटर हादसे का घायल ड्राइवर दीपक सिंह।- फोटो : CHAMPAWAT