चौकी वन पंचायत में काटे गए पेड़ के ठूंठ।
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चौकी वन पंचायत में देवदार के दो हरे पेड़ कटे मिले। यह खुलासा मुख्य विकास अधिकारी ने किया। उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना दी। इसके बाद वन विभाग ने मौका मुआयना तो पता चला कि घटना स्थल पर बड़ी संख्या में पेड़ कटे हुए थे। जिनके ठूंठ को मिट्टी डाल कर छिपाने का प्रयास किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी एसएस बिष्ट ने बताया कि शुक्रवार को प्रात: भ्रमण दौरान उन्हें चौकी वन पंचायत में गोल्फ कोर्स के पास देवदार के दो हरे पेड़ कटे मिले। उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी। वन रक्षक चतुर सिंह के नेतृत्व में विभाग ने मौका मुआयना किया। मौके पर दो देवदार के पेड़ के साथ ही बड़ी संख्या में पेड़ के ठूंठ दिखाई दिए। जिनको मिट्टी और आग लगा कर छुपाने का प्रयास किया गया था। इसके अलावा छोटे छोटे देवदार के पेड़ के ठूंठ भी पड़े हुए थे। मामला संदिग्ध्ा लग रहा है। जांच की जाएगी।
कोट
चौकी वन पंचायत में देवदार के दोनों पेड़ स्वीकृति के बाद काटे गए हैं। जिनमें बकायदा घन भी लगाया है। मौके पर मिले अन्य पेड़ भी स्वीकृति के बाद काटे गए हैं। इन पेड़ों की धनराशि भी विभाग में जमा की गई है।
केसी तिवारी, वन क्षेत्राधिकारी, चंपावत।
पेड़ छपान की होती है निर्धारित प्रक्रिया
चंपावत। वन पंचायत में पेड़ छपान की निर्धारित प्रक्रिया है। पंचायत की बैठक में पेड़ काटने का प्रस्ताव पास करने के बाद वन विभाग को स्वीकृति के लिए भेजा जाता है। पेड़ की गोलाई नापने के बाद कीमत निकाली जाती है। जिसके बाद 18 फीसदी जीएसटी जमा करने के बाद पेड़ में घन लगा कर पेड़ कटान की अनुमति दी जाती है।
वन पंचायत के खाते में जमा की गई धनराशि
चंपावत। चौकी वन पंचायत में कटे दोनों पेड़ों की धनराशि जमा कराई गई है। वन रक्षक चतुर सिंह ने बताया कि दोनों पेड़ों की तकरीबन 15 हजार रुपये की धनराशि वन पंचायत के खाते में जमा की गई है।