चंपावत जिला शुक्रवार को 21वें साल में प्रवेश कर गया, लेकिन इसकी तस्वीर में कोई खास बदलाव नहीं हो सका है। जिला बनने के दो दशक बीतने के बाद कई जिला जेल, प्रेक्षागृह का निर्माण कार्य समेत कई कार्य अधर लटके हुए हैं।
जिले में सीएमओ कार्यालय का अपना भवन तक नहीं है। कार्यालय पुराने ऑपरेशन थिएटर कक्ष पर चल रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.एसएम बोहरा का कहना है कि राज्य योजना से सीएमओ कार्यालय निर्माण के लिए कई बार धन की मांग की गई, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है। अब सीएमओ कार्यालय को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाने की तैयारी की जा रही है। जिला बनने के दो दशक बाद भी जिला जेल अब भी सपना है। छह साल पूर्व जिला जेल भवन का निर्माण शुरू हुआ था। इसमें अभी चहारदीवारी और सुरक्षा दिवार का ही निर्माण हो पाया है।
कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक एमसी रतूड़ी ने बताया कि करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से जिला जेल के निर्माण को स्वीकृति मिली। इसके निर्माण के लिए 1.44 करोड़ रुपये विभाग को मिले। जिसमें 98 लाख रुपये से चहारदिवारी और 46 लाख रुपये की लागत से सुरक्षा दीवार का निर्माण पूरा हो चुका है। बजट के अभाव में 2014 से निर्माण कार्य रुका हुआ है। जिला जेल नहीं होने से यहां के कैदियों को अल्मोड़ा जेल भेजा जा रहा है।
गोरलचौड़ के समीप बन रहे ऑडिटोरियम का हाल भी कुछ ऐसा ही है। धन की कमी ने ऑडिटोरियम की राह को रोकने का काम किया ह। पेयजल निर्माण निगम के अपर सहायक अभियंता बीसी जोशी का कहना है कि 1.10 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे ऑडिटोरियम में अब तक 90 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। लेकिन शेष धनराशि नहीं मिलने से काम पूरा करने में दिक्कतें आ रही हैं। डीएम डॉ.अहमद इकबाल का कहना है कि इन निर्माण कार्यों के लिए धन की फिर से मांग की जाएगी।
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सुस्त रफ्तार से उम्मीदों पर पानी फिरा
व्यापारी राजेंद्र सिंह महर भोलू का कहना है कि लोगों के लंबे संघर्ष के बाद जिले का निर्माण हुआ था। लेकिन विकास की सुस्त रफ्तार ने लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बीस साल के बावजूद जिले का अपेक्षित विकास नहीं हो सका है।
बढ़ रही है पलायन की समस्या
उद्यमी महेश चंद्र चौड़ाकोटी का कहना है कि जिला बनने के बाद भी दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याएं वैसी ही है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव से पलायन की समस्या बढ़ी है। जिले के ग्रामीण क्षेत्र की तरफ ध्यान दिए जाने की जरूरत है।