टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) में करीब दस किमी दूर बनलेख के पास ट्रंचिंग ग्राउंड बनाए जाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया है। अब इसे चंपावत-खेतीखान मोटर मार्ग में बनाए जाने की तैयारी हो रही है। इसके लिए नगर पालिका नया प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार ने बताया कि बनलेख के पास ट्रंचिंग ग्राउंड बनाए जाने का करीब तीन साल पुराना प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग के पास वाले इस स्थान की जमीन हस्तांतरण न होने और ग्रामीणों की आपत्ति के चलते खारिज किया गया।
राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तारीकरण के चलते भी इस जगह को अनुपयुक्त बताया गया। ईओ का कहना है कि अब चंपावत-खेतीखान मोटर मार्ग में कांपैक्टर मशीन के पास ट्रंचिंग ग्राउंड को बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके लिए विभागीय टीम मौका मुआयना करेगी। प्रस्ताव के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया अगले दो महीने के भीतर पूरी किए जाने की बात कही जा रही है।
रोड किनारे कूड़ा ही कूड़ा
अगले महीने चंपावत को जिला बने 20 साल पूरे हो जाएंगे, लेकिन अब भी जिला मुख्यालय की सफाई की तस्वीर खराब है। शहर के कूड़े को फेंकने का रत्तीभर इंतजाम आज तक नहीं हो सका है। नगर क्षेत्र का कूड़ा सड़क किनारे फेंकने की मजबूरी अब भी बनी हुई है। सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट का कोई सिस्टम नहीं है।
सफाई का ये आधा-अधूरा आलम सेहत के लिए बेहद घातक है। यहां कूड़े के निस्तारण का भी कोई कायदा नहीं है। कूड़ा निस्तारण का ठीक-ठाक प्रबंध नहीं होने से शहर में गंदगी बढ़ रही है। हर रोज यहां दो टन से अधिक कूड़ा फेंका जाता है, लेकिन चंपावत की कूड़ा निस्तारण योजना अभी भी लटकी है।
कूड़ा सर्किट हाउस के नजदीक खेतीखान मोटर मार्ग पर फेंका जा रहा है। राज्य मानवाधिकार आयोग इस पर करीब दो साल पूर्व नगर पालिका को फटकार भी लगा चुका है। आयोग ने मौजूदा कूड़ा डंपिंग जोन को सेहत के लिए खतरनाक बताते हुए प्रभावी और स्थाई समाधान के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी भी इसका कोई समाधान नहीं हो सका।
नगर पालिका के ईओ अभिनव कुमार का कहना है कि ट्रंचिंग ग्राउंड बनने के बाद कूड़ा निस्तारण प्रबंधन बेहतर हो जाएगा।