चंपावत वन प्रभाग परिसर के आसपास खतरे की जद में आने वाले पेड़ों को काटते मजदूर।
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग पर शहर से डेढ़ किलोमीटर दूर प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय परिसर के नजदीक खतरे वाले सभी पेड़ों को काट दिया गया है। इन पेड़ों से आवाजाही में खतरा बना हुआ था। 17 मार्च से इन पेड़ों को काटना शुरू किया गया था।
150 किलोमीटर लंबे बारहमासी मार्ग में शहर से करीब डेढ़ किमी दूर वन विभाग कार्यालय परिसर के पास खतरे की जद वाले 12 पेड़ थे।
इन पेड़ों का वन विभाग काफी समय पूर्व छपान भी कर चुका था लेकिन वन निगम इन पेड़ों को नहीं काट रहा था। दो मार्च से कई बार अमर उजाला में प्रमुखता से इस खबर के प्रकाशित होने के बाद वन विभाग सक्रिय हुआ। वन क्षेत्राधिकारी कैलाश चंद्र तिवारी ने पेड़ों के कटान के लिए वन निगम को पत्र भेजा।
इसके बाद 17 मार्च से इन पेड़ों का कटान शुरू हुआ था। अब खतरे की जद में आने वाले सभी 12 पेड़ों को काट लिया गया है। बता दें कि बारहमासी मार्ग पर 24 फरवरी को तिलौन के पास कार पर पेड़ गिरने से दो महिलाओं की मौत हुई थी।