टनकपुर (चंपावत)। अंधड़ और बारिश से मां पूर्णागिरि क्षेत्र की 11 केवी की मुख्य बिजली लाइन पर साल का पेड़ गिर गया। इससे पूरे मेला क्षेत्र में 20 घंटे से अधिक समय तक बिजली ठप रही। इससे उक्त क्षेत्र के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऊर्जा निगम की टीम बुधवार रात से ही मरम्मत में जुटी रही। बृहस्पतिवार दोपहर बाद करीब तीन बजे आपूर्ति सुचारु हो सकी।
ऊर्जा निगम के एसडीओ मयंक भट्ट ने बताया कि बुधवार देर शाम छह बजे से अंधड़ चलना शुरू हुआ। आंधी से मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में आपूर्ति करने वाली 11 केवी लाइन पर बाटनागाड़ से करीब एक किमी आगे साल का पेड़ गिर गया। लाइन क्षतिग्रस्त होने से धाम क्षेत्र में बूम से आगे बिजली गुल हो गई। ऊर्जा निगम की टीम रात में ही मौके पर पहुंची और पेड़ को हटाना शुरू किया।
रात भर टीम मरम्मत में जुटी रही। पेड़ हटाने के बाद बृहस्पतिवार दोपहर तक लाइन की मरम्मत का कार्य चलता रहा और शाम करीब तीन बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। इधर, मां पूर्णागिरि मेले के पथ प्रकाश की कार्यदायी ठेका संस्था के अक्षय दीक्षित ने बताया कि रात भर जनरेटर से रास्ते के लिए पथ प्रकाश की व्यवस्था की गई।
बाराकोट में 11 केवी की लाइन पर गिरे पेड़
लोहाघाट (चंपावत)। अंधड़ और भारी बारिश से बाराकोट मुख्यालय में 11 केवी बिजली की लाइन पर छह से ज्यादा पेड़ गिरने से बिजली की आपूर्ति ठप हो गई। इससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बुधवार देर शाम को अचानक आए अंधड़, ओले और बारिश के दौरान बाराकोट बिजली सब स्टेशन के पास 11 केवी लाइन पर चीड़ के छह से ज्यादा पेड़ गिरने से बाराकोट, काकड़, बिसराड़ी, कठलती, नदेड़ा, भनखोना, चमनपुर, बैड़ा, रैगांव, छुलापें, सूरी,पम्दा, बरदाखान आदि कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति ठप हो गई। ऊर्जा निगम के अभियंता अशोक कुंवर ने बताया कि बाराकोट में बिजली की लाइन को ठीक कर दिया गया है।
अंधड़ और ओलों की मार से किसानों की सब्जियां बर्बाद
लोहाघाट/चंपावत। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में भारी बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। सुंई पऊ सातखाल के किसान गणेश दत्त चौबे ने एसडीएम रिंकू बिष्ट को ज्ञापन देकर बताया कि बुधवार देर शाम आए अंधड़, बारिश और ओले गिरने से उनकी फसल नष्ट हो गई है।
उन्होंने बताया कि ककड़ी की बेल, शिमला मिर्च के पौधे, फूलगोभी, टमाटर के साथ लौकी, बैंगन, कद्दू आदि की फसल चौपट हो गई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने साधन सहकारी समिति से खेती के लिए ऋण लिया था लेकिन इस बार फसल चौपट होने से ऋण चुकाना भी मुश्किल हो गया है।
उन्होंने सरकार से किसानों के खेतों का स्थलीय निरीक्षण कर मुआवजा देने की मांग उठाई है। वहीं किसान केशव दत्त चौबे, दया किशन, उर्वा दत्त चौबे आदि ने भी उनकी पूरी फसल चौपट होने की बात कही है। इधर चंपावत में भी अंधड़ के कारण काश्तकारों की सब्जी बर्बाद हो गई। खेत पानी से भर गए। संवाद