चंपावत के चमरौली में धूप और अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण हासिल करती महिलाएं।
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के ग्राम सभा सुई पऊ में महिलाओं को छह दिनी मशरूम फार्मिंग प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका शुभारंभ बृहस्पतिवार को हो गया है। इसमें कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के वैज्ञानिक 30 महिलाओं को मशरूम उत्पादन सिखा रहे हैं।
सुधी फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में केवीके के वैज्ञानिक डॉ. भूपेंद्र खड़ायत ने कहा कि जिन महिलाओं के पास खेत नहीं हैं वे घर पर ही मशरूम की खेती कर परिवार का खर्च चला सकतीं हैं। बताया कि ढींगरी मशरूम का उत्पादन बहुत आसान होता है। इसके लिए स्पान (मशरूम बीज), भूसा, प्लास्टिक की थैली, फार्मेलिन आदि की जरूरत होती है। प्रशिक्षण में प्रेमलता ओली, शांति चतुर्वेदी, पुष्पा ओली, मुन्नी खर्कवाल, सोनी ओली, सुनीता जोशी, बबीता चतुर्वेदी, माया सगटा, पुष्पा उपाध्याय, बबीता सगटा आदि मौजूद रहीं।
महिलाओं ने सीखा धूप और अगरबत्ती बनाना
चंपावत। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) की ओर से बाराकोट विकासखंड के चमरौली गांव में छह दिनी प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं को धूप और अगरबत्ती बनाना सिखाया गया। संस्थान के निदेशक आरपी टम्टा और दिया राय ने सभी प्रतिभागियोंं को प्रमाणपत्र बांटे। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान मिले ज्ञान के उपयोग से स्वरोजगार करने का आह्वान किया। बताया कि प्रतिभागियों को दो साल तक मार्गदर्शन एवं सहयोग दिया जाएगा। मास्टर ट्रेनर ममता मेहरा ने प्रयोगात्मक एवं सैद्धांतिक जानकारियां दीं। उन्होंने स्थानीय उत्पादों का उपयोग कर लागत कम करना भी सिखाया। राजेश पंत एवं भुवनेश्वरी बिष्ट ने संचालन किया।
चंपावत के चमरौली में धूप और अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण हासिल करती महिलाएं।