पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागाड़ में आए मलवे से पैदल गुजरती महिला यात्री।
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शुक्रवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश से जहां उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं किरोडा और बाटनागाड़ नाले के उफान से मां पूर्णागिरि धाम मार्ग करीब तीन घंटे बाधित रहा। इस दौरान किरोड़ा और बाटनागाड़ के बीच सैकड़ों यात्री फंसे रहे। इससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। किरोड़ा में उफान और बाटनागाड़ में मलबा आते ही सुरक्षा के लिए लिहाज से मौके पर पुलिस फोर्स तैनात कर आवाजाही रोक दी गई। क्षेत्र में करीब तीन घंटे में 94 एमएम बारिश हुई है।
पिछले कुछ दिनों से उमस भरी भीषण गर्मी ने जीना मुहाल कर रखा था। लेकिन शुक्रवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश ने गर्मी से राहत दी। सुबह चार से साढ़े छह बजे तक तीन घंटे हुई मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए। इससे पूर्णागिरि मार्ग करीब तीन घंटे बंद रहा। सूचना मिलते ही दोनों जगहों पर सुरक्षा के लिहाज से पुलिस फोर्स तैनात कर आवागमन रोक दिया गया। किरोड़ा और बाटनागाड़ नाले के उफान पर आने से पूर्णागिरि मार्ग पर सैकड़ों यात्री फंसे रहे। बारिश थमने पर लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट के निर्देशन में रमिकों ने बाटनागाड़ में सड़क पर आया मलबा हटाकर मार्ग खोला। इस बीच यात्री जोखिम उठाकर बाटनागाड़ रोखड़ में पैदल आवाजाही करते रहे। बाटनागाड़ में मलबे के कीचड़ में पैदल यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।