बारिश से बहा सड़क का कलवर्ट एवं मरम्मत करते श्रमिक।
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सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश से टनकपुर-चंपावत राजमार्ग बाधित रहा। सातवें मील के पास कलवर्ट बहने से सड़क काफी क्षतिग्रस्त हुई है, जहां रैंप बनाने का काम चल रहा था।
अमोड़ी के पास लगातार मलबा गिरने से जेसीबी और पोकलैंड भी सड़क नहीं खोल पाई। वहीं, चंपावत एवं टनकपुर के बीच कई जगह मलबा गिरने से चंपावत कोतवाली और टनकपुर के ककरालीगेट पर वाहनों को रोकना पड़ा।
टनकपुर कोतवाल अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि सड़क बंद होने की सूचना मिलते ही ककरालीगेट बैरियर पर पुलिस फोर्स तैनात कर वाहनों को रोक दिया गया। पर्वतीय मार्ग पर जाने वाली रोडवेज की बसों समेत अन्य यात्री वाहनों को वाया हल्द्वानी भेजा गया है। सड़क बंद होने से यात्री जगह-जगह पर फंसे रहे। उन्हें दिन भर भूख प्यासे सड़क किनारे खड़ा रहना पड़ा। घंटों इंतजार के बाद भी सड़क नहीं खुल पाई थी।
इन स्थानों पर रहा एनएच बंद
भारी मलबा आने से मंगलवार को टिपनटॉप, सूखीढांग, सिन्याड़ी, चल्थी, अमोड़ी में सड़क बंद हो गई। इसके चलते वाहन चालक और यात्रियों को दिक्कतें हुई। सिन्याड़ी और चल्थी में सुबह 11:30 बजे सड़क खुल गई, लेकिन टिपन टॉप और अमोड़ी के पास सड़क नहीं खुलने से लोग दिन भर फंसे रहे। अलबत्ता जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम चल रहा है।
इन ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें नहीं खुली
चंपावत। दो दिन से लगातार हुई बारिश से ग्रामीण क्षेत्र की पांच सड़क बंद हो गई थी। इनमें मंगलवार को एक ही सड़क खुल पाई। इसके अलावा ककराली गेट-ढुलीगाढ़, मंच-नीड़, धौन-सल्ली, सूखीढांग-डांडामीनार सड़कें तीसरे दिन भी नहीं खुल पाई।