एनएचएआई सोमवार से सड़क किनारे अपनी भूमि का अधिग्रहण शुरू करने जा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन से मदद ली गई है। सड़क किनारे आने वाले निर्माण के एवज में एनएचएआई मुआवजा भी देगा।
सितारगंज से टनकपुर तक एनएच (125/9) का चौड़ीकरण कार्य जोरों पर चल रहा है। सड़क किनारे बनी नालियों के बाद 2 से 3 मीटर भूमि एनएचएआई के पास है, जिस पर विद्युत पोल, टेलीफोन, पेयजल पाइप लाइन और पेड़ आदि लगाए जाऐंगे। बताया गया है कि एनएचएआई की नाली के बाहर करीब 10 फीट भूमि (दो से तीन मीटर) पर विभाग सोमवार से अधिग्रहण करना शुरू करेगा।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक एसके वर्मा ने बताया कि सितारगंज से टनकपुर तक मार्ग के विस्तारीकरण कार्य के अलावा सड़क निर्माण, पुल, कलवट, नालियां, पेड़ों का कटान, विद्युत पोल बदलने और मुआवजा आदि के लिए सरकार से 243 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है।
उन्होंने बताया कि एनएचएआई की भूमि पर आने वाले निर्माण के एवज में एनएचएआई द्वारा सरकारी के मानकों और नियमों के तहत मुआवजा दिया जाएगा। एसडीएम नरेश चंद्र दुर्गापाल ने बताया कि एनएचएआई द्वारा सड़क किनारे किए जाने वाले भूमि अधिग्रहण कार्य में प्रशासन की टीम भी रहेगी। पटवारी विरेंद्र कुमार ने बताया कि राजस्व विभाग और एनएचएआई के नक्शों का मिलान किया जाएगा।
सरकारी विभाग और मंदिर एनएचएआई की जद में
बनबसा (चंपावत)। यहां व्यक्तिगत निर्माण के अलावा कई सरकारी निर्माण भी एनएचएआई की जद में आ रहे हैं। रोडवेज का यात्री विश्राम शेड, थाना, अभिसूचना इकाई के भवन, जिला पंचायत का शौचालय और मां पूर्णागिरि मंदिर भी हटने की कगार पर हैं। अभिसूचना विभाग तो किराए का भवन तलाशने में जुट गया है। वहीं, मां पूर्णागिरि मंदिर को बचाने के लिए व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने एनएचएआई के परियोजना निदेशक को ज्ञापन दिया है। जिसमें मंदिर को छोड़कर सड़क निर्माण कराने की मांग की है वरना आंदोलन की चेतावनी दी है।