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पैदल मार्ग के साथ ही खुले मां पूर्णागिरि के कपाट

Sun, 10 Jul 2016 10:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
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पूर्णागिरी मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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 लोक निर्माण विभाग द्वारा मुख्य मंदिर के समीप दरकी पहाड़ी का मलबा हटाकर मार्ग खोलने के बाद मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन पर लगी रोक हटा दी गई है। लेकिन रात के वक्त और बारिश के दिन दर्शन पर लगाई रोक जारी रहेगी। रविवार को बारिश होने से पहले सुबह से दोपहर तक आए श्रद्धालुओं ने मुख्य मंदिर में जाकर देवी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। 

मां पूर्णागिरि धाम के मुख्य मंदिर के समीप एक पखवाड़ा पूर्व बारिश से दरकी पहाड़ी के मलबे से पैदल मार्ग बंद हो गया था। जिस कारण प्रशासन ने काली मंदिर के गेट बंद कर दर्शन पर रोक लगा दी थी। वैसे भी बारिश के मौसम में मां पूर्णागिरि की यात्रा जोखिम भरी मानी जाती है। भू-वैज्ञानिक पहले ही यहां की पहाड़ियों को कमजोर बताते हुए भूस्खलन के अधिक खतरे से आगाह करा चुके हैं। प्रशासन ने मानसून अवधि में शाम सात से सुबह पांच बजे तक मां पूर्णागिरि धाम के कपाट बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
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ज्यादा बारिश होने पर मंदिर में सुबह शाम होने वाली पूजा-अर्चना की रस्म भी काली मंदिर प्रवेश द्वार पर संपन्न कराने के आदेश दिए हैं। प्रतिबंधित अवधि में दुकानदारों को भी यात्रियों को दर्शन हेतु मंदिर न भेजने  को कहा गया है। एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने बताया कि मुख्य मंदिर के समीप पैदल मार्ग में गिरा पहाड़ी का मलबा हटा कर रास्ता खोल दिया गया है।
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लेकिन बारिश होने की स्थिति में दर्शन पर रोक जारी रहेगी। मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी ने बताया कि रविवार को सुबह से दोपहर तक मौसम खुला रहने पर काली मंदिर का गेट खोल श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए मुख्य मंदिर भेजा गया। दोपहर बाद मौसम के बिगड़ते मिजाज को देख फिर दर्शन पर रोक लगानी पड़ी।
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