जिले में आज से कोई भी माल वाहक वाहन बिना टैक्स दिए प्रवेश नहीं कर पाएगा। जिला पंचायत द्वारा लगाया गया यह लदान-ढुलान शुल्क पहली फरवरी से शुरू हो जाएगा। दूसरे जिलों से लगने वाली सीमा पर बैरियर लगाकर जिला पंचायत इसकी वसूली करवाएगा।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) शेर सिंह परगांई ने बताया कि दूसरे जिलों से सामान लाने वाले वाहनों से लदान-ढुलान शुल्क वसूला जाएगा। इसके लिए पंचायत की ओर से प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। मौजूदा वित्त वर्ष 2015-16 के बचे दो (फरवरी और मार्च) महीने में इस कर से आठ लाख रुपये पंचायत को मिलेंगे।
इस टैक्स को दिए बगैर किसी वाहन की जिले में एंट्री नहीं हो सकेगी। कर वसूली के लिए सोमवार सुबह से पूर्व तक चार स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे। ऊधमसिंह नगर जिले से लगे जगबुड़ा पुल, पिथौरागढ़ जिले से लगे घाट और अल्मोड़ा जिले से लगे वल्का और पनार में ये बैरियर लगेंगे। यहां से गुजरने वाले हर मालवाहक वाहन से राशि वसूली जाएगी। एएमए परगांई का कहना है कि इस शुल्क की चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वाहनों पर जुर्माने के अलावा तीन माह तक की सजा दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
वाहन का प्रकार लदान-ढुलान शुल्क
मिनी ट्रक 100 रुपये
ट्रैक्टर-ट्राली 100 रुपये
बड़ा ट्रक/डंपर 200 रुपये
बड़ा ट्रक (6 टायर से ऊपर) 500 रुपये
पिकअप 50 रुपये
सालभर में पंचायत को मिलेंगे 48 लाख
लदान-ढुलान शुल्क से जिला पंचायत को इस वित्तीय वर्ष के बचे दो महीनों में तो आठ लाख रुपये मिलेंगे, अगर 2016-17 के वित्तीय वर्ष के लिए इसी दर पर टेंडर हुए तो जिला पंचायत को सालभर में इस मद से 48 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। राज्य वित्त आयोग द्वारा खुद आय बढ़ाने के सुझावों के बाद जिला पंचायत ने यह कदम उठाया है।
खनन निकासी पर भी लगेगा शुल्क
जिला पंचायत खनन निकासी पर भी शुल्क लगाएगी। जिला पंचायत द्वारा पारित यह प्रस्ताव मंडलायुक्त के अनुमोदन के इंतजार में है। चंपावत जिले के नदी, नाले, गधेरों और भूमि पट्टेदारों द्वारा निकासी तथा चुगान करने वालों से खनन निकास शुल्क वसूलने का प्रस्ताव रखा है। चार टायर ट्रक से प्रति फेरा 50 और छह टायर के ऊपर ट्रक से प्रति फेरा 100 रुपये शुल्क वसूलने का प्रस्ताव है।