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आज से मां पूर्णागिरि धाम में उमड़ेगा भक्तों का सैलाब

Mon, 27 Mar 2017 10:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)।
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पूर्णागिरी मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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 उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही का क्रम लगातार बना हुआ है। मंगलवार से शुरू हो रहे नवरात्र में आस्था का सैलाब उमड़ेगा। मेला प्रशासन पुख्ता व्यवस्थाओं का दावा कर रहा है। भीड़ बढ़ने पर यात्रियों को परेशानियों से बचाना चुनौती होगी। पानी की समस्या सबसे ज्यादा गहरा सकती है। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि सभी विभागों को व्यवस्थाओं के प्रति सजग रहने को कहा गया है।  
होली के अगले दिन शुरू हुए मेले में हर दिन काफी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। उत्तर भारत समेत देश के कोने-कोने से भक्तजन देवी के दर्शन को पहुंच रहे हैं। मंगलवार से नवरात्र शुरू हो रहे हैं और नौ दिनों में मां के दरबार में भक्तों की जबरदस्त भीड़ उमड़ती है। इस बार ट्रेन बंद होने से यात्री निजी वाहनों, साइकिल के साथ ही पैदल भी पहुंच रहे हैं। बाहरी जिलों से मांगा गया पूरा फोर्स मेला ड्यूटी में नहीं पहुंच पाया है और पुलिस का दावा है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम है। कई स्थानों में सुरक्षा भगवान भरोसे है। सीओ आरएस रौतेला ने बताया कि मुख्य मंदिर, काली मंदिर, टुन्यास, भैरव मंदिर एवं ठुलीगाड़ में सीसीटीवी से मेले पर नजर रखी जा रही है। भीड़ नियंत्रित करने को बूम से मुख्य मंदिर तक पांच स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई गई है। उन्होंने कहा कि ऊधम सिंह नगर से पूरा फोर्स नहीं पहुंच पाया है, वहीं पीएसी की महिला प्लाटून भी नहीं मिली है। पेयजल के हाल भी बुरे हैं। टुन्यास, काली मंदिर आदि क्षेत्रों में पानी की समस्या बनी हुई है। भीड़ बढ़ने पर यात्रियों को पानी के संकट से दो-चार होना पड़ सकता है। जल संस्थान के सहायक अभियंता प्रेमजी श्रीवास्तव का कहना है कि व्यवस्था की निगरानी के लिए मेला क्षेत्र में एक जेई और पर्याप्त स्टाफ तैनात किया गया है। समस्या से निपटने को पानी का पर्याप्त स्टाक डंप रखा गया है।  
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नाभि स्थली के रूप में पूजी जाती है मां पूर्णागिरि 
 मां श्री पूर्णागिरि शक्तिपीठ को माता सती की नाभि स्थली के रूप में पूजा जाता है। पिता राजा दक्ष द्वारा पति शिव का अपमान किए जाने से क्षुब्ध देवी पार्वती जब अग्निकुंड में कूदकर सती हुई तो क्रोधित भगवान शिव पार्वती का शव लेकर ब्रह्मांड में विचरण करने लगे। शिव का क्रोध दूर करने के लिए विष्णु भगवान को सुदर्शन चक्र से सती के शव के टुकड़े करने पड़े। जहां-जहां देवी सती के अंग गिरे वहां कालांतर में शक्तिपीठ स्थापित हुए हैं। मां पूर्णागिरि धाम में देवी सती की नाभि गिरी थी। आज भी धाम में नाभि रूपी छिद्र मौजूद है। यहां नाभि स्थली के रूप में मां पूर्णागिरि को पूजा जाता है। 

-ठुलीगाड़ में सुरक्षा की जिम्मेदारी एसएसबी के हाथ में 
टनकपुर। मां पूर्णागिरि धाम के प्रवेश द्वारा ठुलीगाड़ में सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस के साथ ही एसएसबी को भी सौंपे जाने से सुरक्षा चाक-चौबंद है। ठुलीगाड़ का बैरियर मेले के दौरान संचालन बीते कई सालों से एसएसबी के सुपुर्द है और इस दौरान वाहनों के प्रवेश को लेकर कोई विवाद भी सामने नहीं आया। इससे पहले बैरियर की चाबी पुलिस के हाथ में रहती थी तो आए दिन विवाद होता था। 
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-मुख्य मंदिर की सीढ़ियों में बेहोश हुआ वृद्ध श्रद्धालु 
 काली मंदिर से मुख्य मंदिर की सीढ़ियां चढ़ते वक्त बहराइच का एक वृद्ध श्रद्घालु अचानक बेहोश हो गया। उसे उपचार के लिए फौरन भैरव मंदिर चिकित्सा केंद्र लाया गया। उपचार के बाद हालत में सुधार आने पर परिजन उसे घर ले गए। कुसी मोहम्मदपुर थाना रामगांव जिला बहराइच निवासी ढोंडे राम (65) पुत्र बाबदीन मुख्य मंदिर की सीढ़ियों में सांस चढ़ने पर अचानक बेहोश हो गया था।

 
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