त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों ने राज्य वित्त से पंचायतों को मिलने वाले आवंटन को बढ़ाने की मांग की है। मंगलवार देर शाम हुई चतुर्थ राज्य वित्त आयोग की बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि धन की कमी विकास और बुनियादी ढांचे को बाधित कर रही है।
प्रतिनिधियों ने विकास कार्यों के लिए एकमुश्त धन देने, वेतन और अधिक अधिकार देने का सुझाव दिया। आयोग के प्रभारी अध्यक्ष प्रो.बीके जोशी ने कहा कि पंचायतों को सामान्य रूप से निर्धारित फार्मूले पर पैसे का आवंटन किया जाता है। क्षेत्र विशेष की आवश्यकताओं के मद्देनजर धन का आवंटन बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए प्रामाणिक आंकड़े और औचित्य साबित करना होगा। विकास कार्यों को डुप्लीकेसी से बचाने के लिए ऑनलाइन करने और सभी पंचायत घरों के कंप्यूटरों को इंटरनेट से जोड़ने के आयोग ने निर्देश दिए।
बैठक में आयोग के सदस्य एलएम पंत, सीएमएस बिष्ट, अविकल थपलियाल, बीसी सनवाल, कुशल सिंह, प्रमुख निर्मल महरा, ज्येष्ठ उप प्रमुख रूपा गोस्वामी, जिला पंचायत सदस्य बसंत पुनेठा, पुष्कर बोरा, एसडीएम जेएस राठौर, सीडीओ श्याम सुंदर पांगती, डीडीओ वीके उपाध्याय, पीडी केएन तिवारी, डीपीआरओ सुरेश बेनी आदि मौजूद थे।