बच्चों को शिक्षित करने के लिए मां ने उठाया गैंती-फावड़ा
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यूं तो हर मां अपने बच्चे को कामयाबी की बुलंदी में पहुंचता देखना चाहती है। इसके लिए वह हर स्तर पर प्रयास भी करती है। अंबेडकर गांव फागपुर की अनपढ़ सावित्री देवी ने भी बच्चों को शिक्षित करने के लिए गैंती और फावड़ा उठाया।
सावित्री देवी (50) के पति का 1996 में निधन हो गया था। सावित्री देवी की छह लड़कियां और एक बेटा है। पति की मौत के बाद सावित्री देवी के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया था, लेकिन सावित्री देवी ने हिम्मत नहीं हारी। बच्चों के भरण-पोषण और उन्हें अच्छी शिक्षा देने के लिए गैंती और फावड़ा उठाया। सावित्री ने चार लाख रुपये का एजुकेशन लोन लेकर बेटे दीपक को 2014 में बीटेक करवाया। बड़ी बेटी बबली दसवीं पास है। शादी होने के बाद वह इस समय वार्ड मेंबर है। इसके अलावा विमला एमएम, शकुंतला दसवीं, सुनीता, सरोज, खुशबू ने बीए किया है।