हल्द्वानी वन प्रभाग के शारदा रेंज में हमलावर बाघ को पकड़ने की कोशिशें जारी हैं। वन विभाग ने चारा डाला तो बाघ ने अपना मूवमेंट ही बदल लिया है। रविवार को रामनगर से आए वाइल्ड लाइफ के एक्सपर्टों की दो सदस्यीय टीम ने मौके का निरीक्षण कर विभाग को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। विभाग के अनुसार अब बाघ का मूवमेंट आबादी क्षेत्र से लगे जंगल से हटकर जंगल के अंदर की तरफ हो गया है।
शारदा रेंज के द्वान बीट में दो महिलाओं की जान ले चुका बाघ वन विभाग के लिए मुसीबत बन गया है। बाघ के आदमखोर बनने की आशंका में विभाग उसे पकड़ने के प्रयास में जुटा है, लेकिन बीस दिन बाद भी सफलता नहीं मिल पाई है। घटना स्थल के आसपास जंगल में सीसी कैमरों के साथ ही बाघ को कैद करने के लिए दो पिंजरे लगाए गए तो बाघ ने अपना मूवमेंट ही बदल लिया। पकड़ने की कोशिश शुरू होने के बाद से बाघ रेंज के अन्य बीटों में तो दिखाई दिया, लेकिन घटना स्थल के आसपास उसका मूवमेंट नजर नहीं आया। पिंजरे में पशु रखने के बाद महिला का पुतला टांगने की योजना भी काम नहीं आई। रविवार को वाइल्ड लाइफ के डा. हरीश गुलेरिया एवं कार्बेट फाउंडेशन के एक्सपर्ट डा. हरेंद्र बरगली ने मौका मुआयना कर घटना स्थल पर लगाए दो में से एक पिंजरे को दूसरी जगह शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। वन क्षेत्राधिकारी ख्याली राम आर्य ने बताया कि टीम ने पिंजरों की नियमित निगरानी के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने को कहा है। उन्होंने बताया कि अब बाघ का मूवमेंट आबादी से लगे जंगलों से हटकर जंगल के अंदर की ओर हो गया है।
शारदा रेंज में पांच से सात बाघों का है मूवमेंट!
टनकपुर। हल्द्वानी वन प्रभाग के शारदा रेंज जंगल में पांच से सात बाघों का मूवमेंट हैं। वन क्षेत्राधिकारी ख्याली राम आर्य के अनुसार रेंज के जंगल में अब तक अलग-अलग स्थानों पर नजर आए बाघ और बाघिन से अनुमान है कि करीब पांच से सात बाघ इस जंगल में घूम रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाघों का इधर की ओर मूवमेंट बढ़ने की वजह का एक्सपर्ट अध्ययन कर रहे हैं।