लोहाघाट में जीआईसी और डायट के पास कूडे और गंदगी से पटे दुर्लभ प्रजाति के देवदार पेड़।
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नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़े के ढेरों के चलते दुर्लभ प्रजाति के देवदार वृक्षों का अस्तित्व संकट में पड़ गया है। कई लोगों द्वारा घरों का कूड़ा देवदार वनी, सड़कों के किनारे खुले में फेंके जाने के कारण दुर्गंध से जीना मुहाल बना हुआ है।
नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत बाड़ीगाड़ पुल के नीचे, खेतीखान तिराहे, जीआईसी, डायट के नीचे कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। लोगों का कहना है कि इन स्थानों से आए दिन अधिकारियों का आना जाना लगा रहता है लेकिन कूड़े का निस्तारण कराने की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। देवदार वनी में लगे कूड़े के ढेर पेड़ों को काफी हद तक नुकसान पहुंचा रहे हैं।
कभी-कभार लोग पेड़ों की जड़ों में कूड़ा डालकर उसमें आग लगा देते हैं, जिससे देवदार के पेड़ों के सूखने का खतरा बना हुआ है। युवा सामाजिक कार्यकर्ता ब्रजेश ढेक, विजय माहरा, पर्यावरण प्रेमी गणेश पुनेठा आदि का कहना है कि पुलहिंडोला, डिग्री कॉलेज मार्ग में सैंकड़ों लोग सुबह, शाम घूमने के लिए जाते हैं।
कूडे़ से उठने वाली दुर्गंध से लोगों का चलना मुश्किल हो जात है। उन्होंने कूड़े का निस्तारण करने के साथ खुले में कूड़ा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ब्यूरो