चंपावत। मंगलवार को हुई भारी बारिश के चलते जिले में तीन ग्रामीण सड़कें बंद होने से आठ हजार से अधिक की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दो सड़कें करीब पांच घंटे तक बंद रहीं। सड़कें बंद होने से रोजमर्रा के काम के लिए आने-जाने वाले लोगों को पैदल आवाजाही करनी पड़ी।
बुधवार को चंपावत ब्लॉक की अमकड़िया-सिफ्टी सड़क पर सुबह 8:22 बजे मलबा आ गया। वहीं, लोहाघाट ब्लॉक में चमदेवल-नीडिल सड़क पर भी सुबह 8:22 बजे भारी मलबा आने से यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलने पर जेसीबी मशीनें भेजकर मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद दोनों सड़कों को यातायात के लिए सुचारु किया गया।
गल्लागांव-देवलमाफी सड़क सुबह 9:45 बजे बंद हुई, जिसे एक घंटे बाद जेसीबी मशीन लगाकर खोल दिया गया। सड़कों के बंद होने से अमकड़िया, सिफ्टी समेत कई गांवों के लोगों को चंपावत आने-जाने में परेशानी हुई। इधर, करीब छह बजे सीमांत क्षेत्र को जोड़ने वाली टीजे सड़क को भी यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया।
चमदेवल-नीडिल मोटर मार्ग खुला
लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र में हुई भारी बारिश के चलते बंद चमदेवल-नीडिल मोटर मार्ग के खुलने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। मंगलवार से लगातार हुई भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर मलबा आने से यह सड़क बंद हो गई थी। ग्रामीण मनोज सिंह, राहुल सिंह आदि ने बताया कि सड़क बंद होने से सीमावर्ती क्षेत्र के जाख, पीपलखान, खड़नोला, जुजरी, खाइकोट तल्ला, खाइकोट मल्ला, जिंडी, चमदेवल, नेवल टुकरा और बसकुनी आदि गांवों की करीब तीन हजार आबादी को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। इस मार्ग से पंचेश्वर धाम में अंतिम संस्कार के लिए शव भी ले जाए जाते हैं। ग्रामीणों ने मानसून सीजन में सड़क पर हर समय जेसीबी मशीन तैनात रखने की मांग की है।
पीएमसी खंड चंपावत के अधिशासी अभियंता बीएस बोहरा ने बताया कि चमदेवल-नीडिल मोटर मार्ग के बंद होने की सूचना मिलते ही सड़क खोलने के लिए जेसीबी मशीन भेज दी गई थी। सड़क पर आया मलबा हटाकर यातायात सुचारु कर दिया गया है।