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चंपावत में मादली देवल में ज्वाला मंदिर के समीप संरक्षण के अभाव में क्षतिग्रस्त नौला। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। जिला मुख्यालय के तीन प्राकृतिक जल स्रोतों का संवर्द्धन कर वहां बेकार बह रहे पानी का उपयोग सिंचाई के कार्यों में किया जाएगा। इस संबंध में डीएम एसएन पांडेय ने पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता को इन स्रोतों के संवर्द्धन के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
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बताते चलें कि जिला मुख्यालय के मादली ज्वाला मंदिर के समीप स्थित धारा, कलक्ट्रेट रोड पर नेहरू युवा केंद्र के समीप के धारे के साथ ललुवापानी रोड पर स्थित स्रोत लोगों का सहारा बने हुए हैं। मादली स्थित जल स्रोत का संवर्द्धन करने के लिए एक दशक पूर्व स्वजल परियोजना से टंकी बनाई गई थी, लेकिन नियोजन सही ढंग से न हो पाने के कारण इसका लाभ क्षेत्रवासियों को नहीं मिल पाया। बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश पांडेय ने जिलाधिकारी से इन स्रोतों का उचित प्रबंधन करने की मांग की। उन्होंने बताया इन स्रोतों के आसपास उपजाऊ जमीन है, सिंचाई की सुविधा मिले तो इस जमीन को फिर से आबाद किया जा सकता है। जिस पर डीएम ने पेयजल निगम के ईई वीके जोशी को तीनों जल स्रोतों के संवर्द्धन के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा। पेयजल निगम के ईई वीके जोशी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार एक दो दिन में इन स्रोतों का निरीक्षण करने के बाद योजना तैयार की जाएगी।
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