लोहाघाट (चंपावत)। डोला रथ यात्रा के साथ पांच दिनी देवीधार महोत्सव संपन्न हो गया। महोत्सव के अंतिम दिन रविवार को सुहावने मौसम के बीच रायनगर चौड़ी, कलीगांव और डैंसली गांवों से मां भगवती एवं मां महाकाली की डोला रथ यात्राएं निकली। यात्राओं के मंदिर की परिक्रमा करने के साथ ही देवी महोत्सव का समापन हुआ। महिला एवं पुरुषों ने झोड़ों का गायन किया। खुशनुमा मौसम के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने डोला रथ यात्राओं के साक्षी बन मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। तीनों रथ यात्राओं के मंदिर परिसर में पहुंचने पर मंदिर प्रांगण खचाखच भर गया। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
सुबह से ही देवीधार मंदिर में श्रद्धालुओं का उमड़ना शुरू हुआ। दोपहर बाद खड़ी चढ़ाई पार कर कलीगांव का रथ 4.02 बजे मंदिर पहुंचा। इसमें भगवती के रूप में नारायण सिंह पुजारी और मां महाकाली के रूप में हरली देवी सवार होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दे रही थीं। दूसरा 4:35 बजे डैंसली गांव का देवी रथ पहुंचा। इसमें मां भगवती के रूप में नारायण सिंह बिष्ट, नारायण सिंह देउपा और महाकाली के रूप में रतन सिंह रथ पर सवार होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दे रहे थे। सबसे अंत में दो किमी लंबे दुर्गम रास्तों को पार करता हुआ पांच बजे रायनगर चौड़ी का देव रथ मंदिर में पहुंचा। इसमें भगवती के रूप में हरीश कापड़ी और महाकाली के रूप में राधिका देवी आशीर्वाद दे रही थीं। तीनों ही रथों के पीछे महिलाएं खोल दे माता खोल भवानी धार में केवाड़ा आदि गीतों से मां का गुणगान कर चल रही थीं। इन रथों के मंदिर की परिक्रमा करने के बाद महोत्सव का समापन हुआ। मेले में लोगों ने खूब खरीदारी की। विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने भी मेले में शिरकत कर मां का आशीर्वाद लिया। मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थानाध्यक्ष मीनाक्षी नौटियाल पुलिस बल के साथ मौजूद थीं। देवीधार सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष जीवन मेहता, सचिव प्रकाश राय, उपाध्यक्ष शिवराज सिंह कोषाध्यक्ष भैरव राय, सलाहकार नरेश राय ने महोत्सव में सहयोग के लिए सभी का आभार जताया।
मन्नत के लिए डोले के नीचे से गुजरी महिलाएं
नि:संतान महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए मां भगवती के डोले के नीचे से गुजरीं। मान्यता है कि सच्चे मन से मां के डोला रथ यात्रा के नीचे से गुजरने वाली नि:संतान महिलाओं की मुराद पूरी होती है।
खुशनुमा मौसम से व्यापारी खुश
शनिवार तक लगातार हुई बारिश के बाद मौसम खुशनुमा होने से व्यापारी खुश नजर आए। टनकपुर, खटीमा, पीलीभीत, बरेली आदि स्थानों से आए व्यापारी राम, लल्लन कुमार, मोहन सिंह, कल्लू भाई आदि का कहना था कि मौसम सुहाना होने से उनका अधिकांश माल बिक गया।