लोहाघाट (चंपावत)। शहर से लगे कोलीढेक गांव में गंभीर पेयजल समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया। आक्रोशित महिलाओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन कर पेयजल समस्या का समाधान करने और अधूरी पेयजल योजना का निर्माण पूरा करने की मांग की। उन्होंने कोलीढेक झील से गांव के लिए पेयजल योजना का निर्माण की मांग उठाई।
कोलीढेक की महिलाओं ने मंगलवार को तहसील परिसर में पेयजल की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने कहा कि गांव के लिए पूर्व में बनी पेयजल योजना से पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत विभाग ने दो वर्ष पूर्व पेयजल योजना का निर्माण कार्य शुरू किया था, इसमें 15 से 20 घरों में पेयजल लाइन बिछाकर कार्य अधूरा छोड़ दिया है। कोलीढेक झील के लिए ग्रामीणों ने अपनी भूमि दी थी, लेकिन झील से उन्हें पानी नहीं मिल रहा है। पानी के लिए कई किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है। नाराज महिलाओं ने कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं होता है तो वह डीएम कार्यालय में धरने में बैठने को मजबूर हो जाएंगी। एसडीएम ने महिलाओं की समस्या को सुनकर जल निगम के ईई को योजना का कार्य जल्द पूरा करने और जल संस्थान के अधिकारियों को पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इस मौके पर अल्का ढेक, पुष्पा ढेक, जानकी ढेक, सुनीता ढेक, बृजेश जोशी, मंजू जोशी, पूजा ढेक, कृष्णा ढेक आदि मौजूद रहीं।
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गांव में गंभीर पेयजल संकट छा गया है। लोगों के साथ जानवरों तक को पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। जल्द पेयजल समस्या का समाधान होना चाहिए। - दीपा ढेक, ग्रामीण।
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गांव के लिए करीब तीन साल पूर्व हर घर जल हर घर नल योजना का कार्य शुरू किया गया था, इसे अधूरा छोड़ दिया गया है। नौले, कुंए, नदी सब सूख गए हैं। कोलीढेक झील से भी गांव को पानी देने का मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है। - अल्का ढेक, पूर्व ग्राम प्रधान कविता ढेक