शादी-ब्याह वालों को नहीं मिला कैश
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भले ही शादी-ब्याह वालों को बैंक खाते से 2.5 लाख रुपए तक निकालने की छूट दी गई हो, लेकिन पहले दिन शुक्रवार को एक भी शख्स को ये रकम नहीं मिल सकी। एसबीआई की चंपावत शाखा के मुख्य प्रबंधक एचएस पांगती का कहना है कि बैंक सिस्टम को अपडेट किया जा रहा है।
अपडेट नहीं होने से सिस्टम ट्रांजिक्शन स्वीकार नहीं कर रहा है। मुख्य प्रबंधक का कहना है कि कैश की उपलब्धता के आधार पर शादी का कार्ड दिखाने के अलावा पैन नंबर की कॉपी और शपथ पत्र देने पर धन दिया जाएगा। ये रकम वर-वधू अथवा उनके माता-पिता को दी जाएगी।
वन बीट अधिकारी हरीश भट्ट की बेटी की भवाली में 25 नवंबर को शादी है। कैश नहीं होने से बेटी के ब्याह की तैयारियों पर असर पड़ रहा है। शादी से पहले 23 नवंबर को यहां महिला संगीत होना है। लाइन में लगने के बावजूद बैंक से नगदी नहीं मिल पा रही है। एसबीआई 50 हजार रुपए देने की बात कह रहा है।
हरीश भट्ट बताते हैं कि कैश की कमी से दिक्कत हो रही है। डेकोरेशन, कैटरिंग आदि के लिए चेक से भुगतान करने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं यूनियन बैंक ने विवाह वालों के नाम-पते और फोन नंबर एकत्र किए हैं। बैंक के लेखाकार नईम सिद्दीकी का कहना है कि कैश चेस्ट से नगदी नहीं मिलने से दिक्कत आ रही है। बैंक के पास रुपए नहीं है। इससे निपटने के लिए हल्द्वानी की शाखा से कैश का आग्रह किया गया है। अलबत्ता बैंक विवाह वालों के नाम-पतों के जरिए धन आने पर उन्हें सूचित करेगा। वहीं पंजाब नेशनल बैंक के पास विवाह में रियायत वाला सर्कुलर नहीं पहुंचा है।
बैंक नहीं पहुंच रहे किसान
जिले में 30 हजार से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) वाले काश्तकार हैं, इन्हें केंद्र सरकार ने 25 हजार रुपए सप्ताह निकालने की रियायत दी है। शुक्रवार को बैंक में लगी भीड़ में काश्तकार नदारद थे। इस श्रेणी के कुछ किसानों से बात करने पर पता चला कि उन्हें इस नए नियम की जानकारी ही नहीं है। अलबत्ता एसबीआई के मुख्य प्रबंधक एचएस पांगती का कहना है कि केसीसी धारक किसानों को किसान बही दिखाने पर कैश की उपलब्धता के आधार पर यह सुविधा दी जाएगी।