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तो क्लीन हो सकेगा चंपावत

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ट्रेंचिंग ग्राउंड नहीं होने से चंपावत में इस तरह होता है कूड़ा निस्तारण। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। जिला मुख्यालय चंपावत जल्द ही स्वच्छ हो सकेगा। कूड़े का निस्तारण अब यहां की समस्या नहीं रहेगी। मौजूदा कूड़ा निस्तारण स्थल सेलाखोला में ही ट्रंचिंग ग्राउंड बनेगा। इस ग्राउंड को स्वीकृति मिल गई है। साथ ही इसकी डीपीआर (विस्तृत प्रगति रिपोर्ट) भी तैयार कर ली गई है।
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जिला बनने के 23 साल बाद भी चंपावत में कूड़े के निस्तारण का कोई कायदे का ठिकाना नहीं है। हर रोज औसतन पांच टन जैविक और अजैविक कूड़े का निस्तारण होता है। पालिका ने यद्यपि रोड के पास टिन की दीवार भी लगाई है, मगर इससे भी इस जगह से गुजरने वालों को दुर्गंध से निजात नहीं मिल पा रही है। ट्रंचिंग ग्राउंड न होने से नगर क्षेत्र के कूड़े का निस्तारण नगर से पांच किमी दूर सेलाखोला में फेंका जा रहा है। अब इस स्थिति में कुछ ही समय में बदलाव हो सकता है। ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए अब सेलाखोला में ही जमीन तय कर ली गई है। नगर पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा का कहना है कि ट्रंचिंग ग्राउंड बनने से लोगों की दिक्कतें कम होंगी और आधुनिक तकनीक से कूड़े का निस्तारण भी हो सकेगा।
नए स्थान पर जमीन न मिलने से ट्रंचिंग ग्राउंड को सेलाखोला में कांपेक्टर मशीन वाली जगह को अंतिम रूप दिया गया है। जमीन के निर्धारण के बाद 4.85 करोड़ रुपये की डीपीआर निदेशालय भेजी गई है।
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अभिनव कुमार,
ईओ, नगर पालिका, चंपावत।
नहीं हो पा रहा कांपेक्टर मशीन का उपयोग
चंपावत में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था के लिए छह साल पूर्व कांपेक्टर मशीन लगाई गई थी। लेकिन कार्मिक नहीं होने और दूसरे कारणों से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। पालिका का कहना है कि इसे जल्द उपयोग लायक बनाया जाएगा।
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