श्रम विभाग में चल रहे श्रमिकों के पंजीकरण में कई गैर श्रमिकों द्वारा भी पंजीकरण कराए जाने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने श्रम विभाग को श्रमिकों का सत्यापन कराने के बाद ही पंजीकरण करने के निर्देश जारी किए हैं। पटवारी की सत्यापन रिपोर्ट के बाद ही अब श्रमिकों का पंजीकरण हो पाएगा।
श्रम विभाग ने भवन एवं अन्य सन्न निर्माण कर्मकार अधिनियम के तहत श्रमिकों के हित में टूलकिट वितरण समेत कई योजनाएं शुरू की है।
यहां दो बार कैंप आयोजित कर श्रम विभाग साढ़े तीन हजार से ज्यादा कुशल और अकुशल श्रमिकों को टूलकिट बांट चुका है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी कांडपाल ने बताया कि अब तक 3579 श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि शपथ पत्र देकर कई ऐसे लोग भी पंजीकरण करा रहे हैं जो श्रमिक की श्रेणी में नहीं आते हैं।
योजना का लाभ पात्रों को ही मिले इसके लिए विभाग ने प्रशासन से श्रमिकों का सत्यापन कराने की सिफारिश की थी जिस पर एसडीएम ने बगैर सत्यापन के श्रमिकों का पंजीकरण नहीं करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को सत्यापन के लिए तहसील में उमड़ी भीड़ के बाद एसडीएम दुर्गापाल ने श्रमिकों के सत्यापन का काम पटवारियों को सौंप दिया है। एसडीएम ने बताया कि पटवारियों की सत्यापन रिपोर्ट के पर ही श्रम विभाग में श्रमिकों का पंजीकरण हो पाएगा।