आदर्श राशनिंग वेलफेयर सोसाइटी की राज्य सरकार को दी गई 10 दिन की मोहलत बृहस्पतिवार को समाप्त हो गई है। शासन के सूत्रों के अनुसार कोटेदारों की मांगों पर विचार करने के लिए सरकार ने 31 दिसंबर तक का और समय मांगा है। राशनिंग वेलफेयर सोसाइटी के जिलाध्यक्ष हीराबल्लभ जोशी की अध्यक्षता और सुरेश जोशी के संचालन में हुई कोटेदारों की बैठक में मौजूदा स्थिति पर विचार किया गया।
कोटेदारों का कहना था कि आज कोटे की दुकान का कार्य करना घाटे का सौदा बन चुका है। सरकार केंद्रीय योजना में 143 रुपये प्रति क्विंटल का लाभांश दे रही है, इतनी ही राशि उन्हें राज्य खाद्य योजना में भी दी जानी चाहिए। कोटेदारों के लंबे समय से ढुलान भाड़े में वृद्धि नहीं की गई है, उन्हें न तो दुकान का किराया मिलता है और न ही कोई मानदेय। उन्होंने कोटेदारों को 15 हजार रुपये मासिक मानदेय देने के साथ अन्य सुविधाएं देने पर भी जोर दिया।
तय किया गया कि लोगों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए कोटेदार दिसंबर का खाद्यान्न कोटा उठाकर उसका वितरण करेंगे। यदि इस बीच उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो वे जनवरी से राशन का उठान नहीं करेंगे। बैठक में सलीम जावेद, हरीश पांडेय, सुमन माहरा, इंद्र सिंह, चंद्रमोहन जोशी, बसंत राय, शिवराज सिंह आदि मौजूद थे।