इस बार बारिश न होने से पहाड़ पर सूखे की स्थिति पैदा होने लगी है। कृषि विभाग के जिले में सूखे से पैदा हुई स्थिति के किए गए सर्वे के बाद जो हालात सामने आए हैं, उससे किसानों की मुश्किलें काफी बढ़ती जा रही हैं। सर्वे के मुताबिक जिले में टनकपुर एवं घाटियों के सिंचित क्षेत्रों को छोड़कर 60 फीसदी गेहूं, मंसूर, दलहन, तिलहन की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। 25 फीसदी किसानों ने बारिश न होने के कारण इन फसलों की बुआई तक नहीं की है।
कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी हरवंश सिंह के मुताबिक जहां गेहूं और अन्य फसलों की बुआई की जा चुकी है, वहां या तो बीज उगा ही नहीं है, जहां उगा है तो उसकी ग्रोथ नहीं के बराबर है। ऐसे में यदि अभी बारिश होती भी है तो जिले में रबी की फसल का उत्पादन काफी प्रभावित होगा। इस वर्ष औसत से कम बारिश होने और शीतकाल में बारिश न होने से इसका असर खरीफ की फसल के अलावा बागवानी और सब्जी उत्पादन पर भी पड़ेगा।
कब कितनी बारिश हुई
जुलाई 2014 में 590 - 2015 में 159 एमएम बारिश
अगस्त 2014 में 98 - 2015 में 146 एमएम बारिश
सितंबर 2014 में 20 - 2015 में 09 एमएम बारिश
अक्तूबर 2014 में 80 - 2015 में 07 एमएम बारिश
नवंबर 2014 में बारिश नहीं - 2015 में 05 एमएम बारिश
दिसंबर 2014 में 67 - 2015 में 01 एमएम बारिश
जनवरी 2014 में 76 - 2015 में 92 एमएम बारिश
जनवरी 2016 में अब तक मात्र चार एमएम बारिश हुई है।