पाटी तहसील मुख्यालय में पांच माह पहले खुले थाने का संचालन सैनिक विश्रामगृह से किया जा रहा है। जहां दो कमरों में थाने की व्यवस्था सिमटी है। यहां बंदियों के लिए हवालात तक नहीं बन सकी है। इसी वर्ष 30 अप्रैल को जारी शासनादेश के अनुसार पाटी तहसील के 121 राजस्व गांवों को मिलाकर पाटी थाने की स्वीकृति मिली है।
जिसे 23 जून को शुरू किया गया। इस अवधि में यहां की व्यवस्थाएं केवल जुगाड़ से चल रही हैं। थाने में थानाध्यक्ष समेत एक एसआई, एक हैड कांस्टेबल, 12 सिपाही हैं। उस पर महिला सिपाही तो एक भी नहीं है। थाना स्थापित होने के बाद यहां 17 अपराध दर्ज किए गए।
जिसमें दो की विवेचना जारी है जबकि बाकी का खुलासा किया जा चुका है। एसपी डीएस कुंवर के अनुसार पाटी में थाने के स्थायी भवन के लिए रामलीला मैदान के पास 16 नाली वन पंचायत की भूमि का प्रस्ताव मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा गया है।
पूर्व सैनिक कल्याण समिति अध्यक्ष तेज सिंह बिष्ट का कहना है कि पाटी जैसे सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में पुलिस थाना खुलने से लोगों को काफी राहत मिली है। उन्होंने शासन से वहां शीघ्र थाना भवन बनवाने के साथ उसे आधुनिक रूप देेने की भी मांग की है।