चंपावत के राईकोट महर में लिलियम के खेत। स्रोत : सूचना
चंपावत। लोहाघाट ब्लॉक के राईकोट महर में कंचना जोशी और यूपी के आशुतोष कुमार सिंह मिलकर लिलियम फूलों की खेती कर करोड़ों कमा रहे हैं। चार साल पहले उन्होंने इसकी शुरुआत लाखों से की थी। हॉलैंड से बीज मंगाकर वह लिलियम की खेत कर रहे हैं और इन फूलों को दिल्ली में बेच रहे हैं।
राईकोट निवासी कंचना जोशी और आशुतोष ने वर्ष 2022 पढ़ाई कर एक कंपनी में नौकरी की। कुछ अलग करने की चाह ने उन्हें नौकरी छोड़ने का मन बनाया और राईकोट महर में 15 साल की लीज पर
100 नाली भूमि लिलियम की खेती के लिए ली। आशुतोष ने बताया कि इलेक्ट्रो मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने 13 साल कंपनी में काम किया और फिर लिलियम की खेती का कारोबार शुरू किया।
उन्होंने बताया कि अपने बुआ के लड़के के वहां आना जाना रहता था। फिर कंचना के साथ मिलकर उन्होंने उद्यान विभाग की मदद से धारित्री एग्रो प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की। शुरुआत में स्थानीय स्तर पर बीज लिए फिर सीधे हॉलैंड से बीज मंगाना शुरू किया। करीब 15000 लिलियम बंचेस का वार्षिक उत्पादन कर सालाना एक करोड़ रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रहे हैं। वर्तमान में फार्म में ढाई लाख के करीब लिलियम के बल्ब लगाए हैं। इसके अलावा मल्टी-लेयर क्रॉपिंग को भी बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेब की खेती भी कर रहे हैं। अपने फार्म में वह करीब 15 स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।