निलंबित जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी (डीएओ) डा. महेंद्र सिंह के खिलाफ जिला प्रशासन ने शासन को रिपोर्ट भेजी है। कार्यों में लापरवाही के आरोप में उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि काम में ढिलाई की शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ सीडीओ ने जांच की थी, जिसमें अक्सर गायब रहने, अधीनस्थ अधिकारियों पर नियंत्रण की कमी, दवाओं को अस्पतालों तक पहुंचाने में ढिलाई की पुष्टि हुई है।
सीडीओ की जांच रिपोर्ट शासन को भेजा गया है। डीएम चौधरी का कहना था कि 16, 17 जून के मुआयने में भी डीएओ अनुपस्थित मिले।
बैठक में गैर हाजिर रहने के आरोप में निलंबित डीएओ डा. महेंद्र सिंह अवकाश लेकर गए थे। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने टनकपुर में 15 जून को अधिकारियों की बैठक के दौरान अनुपस्थित रहने के चलते उन्हें सस्पेंड करने के आदेश दिए थे। डा. सिंह ने बताया कि पिछले माह उनके पिता का निधन हो गया था।
इसी पारिवारिक दिक्कतों की वजह से वे 1 जून से 15 जून को उपार्जित अवकाश (ईएल) पर थे। निदेशक ने अवकाश मंजूर किया था। बैठक के दौरान प्रभारी डीएओ के रूप में एमएस बिष्ट मौजूद थे। बृहस्पतिवार को डा. सिंह ने डीएम से मुलाकात भी की।