हड़ताल से बच्चों का भविष्य प्रभावित न हो, इसे देखते हुए आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों ने रविवार से हाईस्कूल और इंटर बोर्ड परीक्षा के छात्र-छात्राओं के लिए धरना स्थल पर ही विशेष कक्षाएं शुरू कर दी हैं। पहले दिन इस कक्षा में 60 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। अतिथि शिक्षकों ने कहा कि सरकार उनके भविष्य की चिंता नहीं कर रही है, लेकिन अतिथि शिक्षक आंदोलन में भी बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं कर सकते हैं।
विभागीय संविदा में समायोजित किए जाने की मांग को लेकर आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों का तहसील प्रांगण में धरना-प्रदर्शन 23वें दिन भी जारी रहा। उन्होंने धरना स्थल पर ही बोर्ड परीक्षा के छात्र-छात्राओं को विशेष कक्षाएं संचालित कर दो घंटे पढ़ाया। संगठन के अध्यक्ष रविंद्र सिंह व संरक्षक दीपक बिष्ट ने बताया कि बोर्ड के छात्र-छात्राओं के लिए अवकाश के दिनों में उचित समय तय कर आंदोलन स्थल पर कक्षाएं संचालित की जाएगी। इस मौके पर रोमा कठायत, दीपक भट्ट, अंकिता सिंह, शीला जोशी, अंजू रानी, नूरीन मोमीन, रीना रानी, ममता, नेहा जोशी, प्रीति सक्सेना, प्रियंका खर्कवाल, जगमोहन सिंह, राजेंद्र कुमार आदि थे।
छात्रों ने पहल की प्रशंसा की
अतिथि शिक्षकों द्वारा धरना स्थल पर विशेष कक्षाएं संचालित करने के फैसले की छात्र-छात्राओं ने सराहना की। कक्षा में शामिल हुए छात्र-छात्राओं ने कहा कि बच्चों के भविष्य की फिक्र करने वाले अतिथि शिक्षकों की मांग सरकार को जल्द पूरी करनी चाहिए।