भारी बारिश के दौरान मलबा आने पर अगर एनएच बंद होता है तो जाम में फंसने वाले यात्रियों को भोजन संबंधी दिक्कतों से नहीं जूझना पड़ेगा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से यात्रियों के भोजन के लिए खाद्यान्न सामग्री का भंडारण कर लिया गया है।
बीते दिनों दो दिन तक धौन एवं स्वांला के बीच भूस्खलन और लगातार मलबा गिरने से एनएच पर जाम लगा रहा। इस दौरान जाम में फंसे यात्रियों को खाने-पीने के सामान के लिए तरसना पड़ा था। तब जीआईसी धौन के शिक्षकों ने स्वयं के प्रयासों से सड़क बंद होने के कारण फंसे यात्रियों के लिए भोजन मुहैया कराया था। इसे संज्ञान में लेते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से धौन और स्वांला के बीच संभावित सड़क बंद होने की दशा में यात्रियों के भोजन के लिए खाद्यान्न सामग्री का भंडारण कर लिया गया है। एडीएम हेमंत कुमार वर्मा ने बताया कि दो दिनों तक एनएच बंद होने के दौरान यात्रियों को हुई दिक्कतों को देखते हुए जिला प्रशासन ने खाद्यान्न भंडारण का निर्णय लिया है। इसके तहत जरूरत की खाद्यान्न सामग्री, रसोई गैस, बर्तनों के साथ ही पानी, बिस्कुट, नमकीन आदि के पैकेटों का भंडारण स्वांला स्थित एलोपैथिक स्वास्थ्य केंद्र के एक कमरे में कर दिया गया है। भविष्य में सड़क बंद होने पर यह खाद्यान्न सामग्री यात्रियों को भोजन कराने में काम आएगी।
वर्षाकाल खत्म होने तक तैनात रहेंगे पीआरडी जवान
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से धौन और स्वांला के बीच संवेदनशील स्थान पर वर्षाकाल खत्म होने यानि 15 सितंबर तक पीआरडी जवान तैनात रहेंगे। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय के अनुसार इस कार्य के लिए आठ पीआडी जवान तैनात किए गए हैं। इसमें से चार जवान स्वांला में मौके पर तथा शेष चार आपदा नियंत्रण कक्ष में तैनात रहेंगे। जो आपदा की सूचना मौके पर पहुंचेंगे।